गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित निर्माणाधीन माल में सात वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस बच्ची को शीघ्र इंसाफ दिलाने के लिए मात्र 10 दिन में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
सोमवार को नंदग्राम थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। साथ ही बच्ची के पिता और अन्य स्वजन के बयान दर्ज कर घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई।
आरोपियों के डीएनए सैंपल लैब भेजे
सोमवार को नंदग्राम थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में पहुंची जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बच्ची के पिता एवं अन्य स्वजन से आवश्यक जानकारी ली। टीम ने घटनास्थल का नक्शा भी तैयार किया। गवाहों की सूची भी तैयार की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार विवेचना के दौरान सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से एकत्र किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपितों के डीएनए नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।
घटनास्थल से मिले जैविक साक्ष्यों, आरोपितों और बच्ची के कपड़ों तथा अन्य फोरेंसिक नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट मिलते ही चार्जशीट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
गवाहों के बयान लेने का सिलसिला भी जारी
फिलहाल आरोपितों से कोई अतिरिक्त बरामदगी कराए जाने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि विवेचना के दौरान यदि कोई नया तथ्य सामने आता है और उसकी पुष्टि के लिए पूछताछ या बरामदगी जरूरी हुई तो आरोपितों को पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।
इसके साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य गवाहों के बयान भी तेजी से दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि अभियोजन के लिए मजबूत केस तैयार किया जा सके। पुलिस का दावा है कि सभी आवश्यक साक्ष्य लगभग एकत्र किए जा चुके हैं और केवल फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
रिपोर्ट मिलते ही समयबद्ध तरीके से चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी जाएगी, ताकि मुकदमे की सुनवाई में देरी न हो।
दरिंदों को जिंदा जलाने की मांग
मासूम बच्ची के नाना का कहना है कि जिस तरह उनकी नातिन के साथ दरिंदगी कर उसकी हत्या की गई, वैसा किसी अन्य बेटी के साथ कभी न हो। उन्होंने आरोपितों को जल्द से जल्द मृत्युदंड देने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों के लिए सबसे कठोर सजा ही समाज में डर पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि परिवार को अब केवल न्याय का इंतजार है।
जांच तीव्र गति से पूरी करने के लिए निर्देश दिया गया है। हमारी तैयारी 10 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर शीघ्र आरोपितों को कठोर सजा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी करने की है।
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धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी
