केजरीवाल सरकार पर प्रवेश वर्मा का हमला, बोले- CAG रिपोर्ट में सामने आई 3500 करोड़ की गड़बड़ी

News Desk
3 Min Read

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने दिल्ली विधानाभसा में पेश की कैग की हालिया रिपोर्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने दावा किया कि 7 अगस्त को विधानसभा में पेश कैग रिपोर्ट में करीब 3500 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट 31 मार्च 2023 तक की अवधि से संबंधित है और केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार का दस्तावेज है।

वर्मा ने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी करते हुए 1185 मैन्युअल टेंडर किए गए। उनके मुताबिक इन टेंडरों में 14,527 बोलियां आईं, जबकि 97 फीसदी मामलों में कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड से संबंधित फाइलें उपलब्ध नहीं थीं। उन्होंने कहा कि सरकार को अब इन मामलों का जवाब देना होगा।

उन्होंने कैग रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि दिल्ली में करीब 70,410 करोड़ रुपये का टैक्स राजस्व बकाया था, जिसमें बड़ी राशि पांच साल से अधिक समय से वसूल नहीं की गई। इसके अलावा 8,334 कारोबारियों का जीएसटी पंजीकरण रद होने के बावजूद वे ई-वे बिल बनाते रहे। उनके अनुसार, 31 मार्च 2023 तक 68,680 करोड़ रुपये के बोगस ई-वे बिल बनाए गए।

वर्मा ने कहा कि 4,076 नान-फाइलर्स ने भी 11,635 करोड़ रुपये के ई-वे बिल जनरेट किए। उन्होंने बताया कि 6.10 करोड़ ई-वे बिलों में से केवल 0.10 प्रतिशत की जांच हुई। 70 मामलों की जांच में 344 गैर-अनुपालन के मामले सामने आने और उनका राजस्व प्रभाव 3,071.92 करोड़ रुपये होने का भी उन्होंने दावा किया।

बिजली सब्सिडी योजना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि करीब 50 हजार ऐसे उपभोक्ताओं को भी 17.81 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई, जिनके 12 महीने तक शून्य बिल रहे। इसके अलावा करीब 90 हजार उपभोक्ताओं को, जो छह से 11 महीने तक घर पर नहीं थे, 11.88 करोड़ रुपये की सब्सिडी दिए जाने का दावा किया गया।

उन्होंने बवाना के औद्योगिक पार्क, मैन्युअल टेंडर और एलएनजेपी अस्पताल की लागत को लेकर भी पूर्व सरकार पर सवाल उठाए। वर्मा ने कहा कि केजरीवाल सरकार के 11 वर्षों के कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं का एक-एक कर हिसाब लिया जाएगा।

Share This Article
Leave a Comment