नोएडा एयरपोर्ट की शुरुआती उड़ानों से हुआ घाटा, ज्यूरिख एयरपोर्ट ने बताई बड़ी वजह

News Desk
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ग्रेटर नोएडा: नोएडा एयरपोर्ट पर उड़ानों और यात्रियों की संख्या बढ़ने की रफ्तार फिलहाल धीमी रह सकती है। एयरपोर्ट पर अब तक की उड़ानों से घाटा हुआ है। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल (एजी) ने यह जानकारी दी है।

ज्यूरिख ने कहा है कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक माहौल का असर एयरपोर्ट के शुरुआती विस्तार पर पड़ सकता है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर स्थित नोएडा एयरपोर्ट से 15 जून से उड़ान शुरू हुई थीं

जुलाई में 77 हजार यात्रियों ने किया सफर

जुलाई में एयरपोर्ट से 1,044 उड़ानों का संचालन हुआ और करीब 77 हजार यात्रियों ने सफर किया। जून में 204 उड़ानों के जरिए करीब 25 हजार यात्री एयरपोर्ट पहुंचे या यहां से रवाना हुए। ज्यूरिख एयरपोर्ट ने 2026 की पहली छमाही की निवेश प्रस्तुति में कहा कि एयरपोर्ट का रूट नेटवर्क लगातार बढ़ाया जाएगा। आने वाले समय में यहां अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू होने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट का राजस्व 2.5 मिलियन स्विस फ्रैंक रहा

प्रस्तुति के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में नोएडा एयरपोर्ट का राजस्व 2.5 मिलियन स्विस फ्रैंक रहा, जबकि परिचालन खर्च 4.9 मिलियन स्विस फ्रैंक रहा। इस दौरान ब्याज, टैक्स और डेप्रिसिएशन से 2.4 मिलियन स्विस फ्रैंक का नुकसान हुआ। एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता 1.2 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष है। पहले चरण में करीब 750 मिलियन स्विस फ्रैंक निवेश का अनुमान है। कंपनी ने बताया है कि यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए एक नया एविएशन गेटवे तैयार करता है। इस एयरपोर्ट से एयर कनेक्टिविटी को और भी ज्यादा मजबूत करने की उम्मीद है।

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