ग्रेटर नोएडा: हल्दौनी में छह साल की मासूम की हत्या का आरोपी बलराज शनिवार को एनकाउंटर में मारा गया। अब उसकी हैवानियत की पुरानी घटनाएं भी सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, बलराज पहले भी मासूम बच्चों और एक बुजुर्ग महिला की हत्या के गंभीर मामलों में आरोपी रहा है।
2017 में सूरजपुर पुलिस ने उसे नौ साल के बच्चे और 70 वर्षीय महिला की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस समय आरोपी को साइको किलर बताया था। पुराने मामले में पुलिस ने दावा किया था कि उसने वारदात से पहले यौन अपराध किए और बाद में दोनों की हत्या कर दी थी।
2006 में हत्या, फिर 10 साल की सजा
बलराज ने 2006 में लोनी में ब्रह्म सिंह की हत्या की थी। इस मामले में उसे गाजियाबाद कोर्ट से 10 साल की सजा भी हुई थी। बाद में हाईकोर्ट में अपील के बाद वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। इसके बाद वर्ष 2017 में उसका नाम सूरजपुर क्षेत्र में हुई दो सनसनीखेज वारदातों में सामने आया था।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज
बच्ची 28 अगस्त की रात गायब हुई थी। एक सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बच्ची को साथ में लेकर जाता दिख रहा है। वहीं दूसरी फुटेज में बोरी में कुछ भर कर ले जाता दिखा। उसने बोरे को कंधे पर टांग रखा था। इससे बोरे में शव होने का अनुमान लगाया गया और उस पर शक गहरा गया। पुलिस पूछताछ के बाद बच्ची का शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने डॉक्टरो के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया और इसकी विडियोग्राफी भी कराई।
हत्यारे को हर दिन नमस्ते करती थी बच्ची
मासूम बच्ची के पिता हलवाई हैं। बच्ची के दो भाई-बहन और हैं। वह पहली क्लास में पढ़ती थी। परिजनों का कहना है कि बच्ची आरोपी बलराज को अंकल कहकर हर रोज नमस्ते करती थी। बलराज बच्ची के चाचा के यहां किराये पर रहता था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर ले गया। दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के बाद पकड़े जाने के डर से बच्ची की हत्या कर दी।
बच्चे की हत्या से दहल गया था सूरजपुर
पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2017 को नौ साल के बच्चे के साथ कुकर्म करने के बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को श्योराजपुर गांव के जंगल में ठिकाने लगा दिया गया था। इसी दौरान तिलपता गांव की 70 वर्षीय महिला की हत्या के मामले में भी बलराज को आरोपी बनाया गया था। उस पर पशुओं के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करने के आरोप भी लगे थे।
