नई दिल्ली। दिल्ली के छह प्रमुख बाजारों की बदहाली को दूर करने की योजना बनाई गई है। इनमें गांधीनगर, कमला नगर, खारी बावली, लाजपत नगर, सरोजिनी नगर और कीर्ति नगर शामिल हैं। सबसे पहले गांधीनगर से योजना पर काम शुरू होगा, जो दो चरणों में होगा।
पहले चरण में अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था और सड़क से संबंधित मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें कैलाश नगर मदर डेयरी से कश्यप मोहल्ला तक का लगभग दो किलोमीटर का जाम वाला क्षेत्र शामिल है।
लाहकार नियुक्ति के लिए टेंडर जारी
परियोजना पर तकनीकी राय देने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सलाहकार नियुक्ति के लिए टेंडर जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से कहा है कि योजना को इस तरह आगे बढ़ाया जाए कि कारोबारियों, दुकानदारों और आम जनता को परेशानी न होने पाए। पूर्व की आप सरकार के समय भी इन बाजारों के विकास के लिए योजनाएं बनी थीं, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ सका था।
कई लाख लोगों को रोजगार देता यह बाजार
गांधी नगर मार्केट एशिया के सबसे बड़े रेडीमेड गारमेंट और टेक्सटाइल थोक बाजारों में से एक है। यहां प्रतिदिन हजारों व्यापारी खरीदारी के लिए आते हैं, और अनुमान के अनुसार यहां प्रतिदिन 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है। यह बाजार कई लाख लोगों को रोजगार देता है।
इस परियोजना के तहत बाजारों में सड़कों और फुटपाथों को बेहतर बनाना, ट्रैफिक की समस्या को कम करना, साफ-सफाई और सीवर जैसी नागरिक सुविधाओं का आधुनिकीकरण और बेहतरीन लाइटिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराना शामिल हैं।
गांधीनगर में जाम है सबसे बड़ी समस्या
गांधीनगर मार्केट में सबसे बड़ी समस्या यातायात जाम की है। यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि सवारी बैठाने से पहले आटो और बैटरी रिक्शा वाले यात्रियों को स्पष्ट करते हैं कि यदि जाम नहीं लगा तो ही वे उन्हें गंतव्य तक छोड़ पाएंगे।
जाम की स्थिति में लोग डेढ़ किलोमीटर के रास्ते में 20 मिनट से लेकर एक से डेढ़ घंटे तक फंसे रहते हैं। यहां के रेडीमेड कपड़ों के थोक व्यापारी सुधीर मिश्रा का कहना है कि मार्केट के दुकानदार यातायात जाम का स्थाई समाधान चाहते हैं और इसके लिए सभी सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उनका मानना है कि विकास की कोई भी योजना व्यापारियों की आवश्यकताओं के अनुसार होनी चाहिए।
गांधीनगर मार्केट की समस्याओं के समाधान के लिए हम हम दो तरह से काम कर रहे हैं, पहले यहां के मुख्य मार्ग पर जाम दूर करने के लिए अध्ययन कराया जा रहा है। इसके निष्कर्ष के आधार पर आगे की रणनीति पर काम होगा। इसके अलावा प्रस्तावित मेट्रो लाइन के दो स्टेशन गांधीनगर मार्केट में होंगे। इस बाद यहां के सुंदरीकरण पर काम होगा। – अरविंदर सिंह लवली, विधायक गांधीनगर एवं अध्यक्ष यमुना पार विकास बोर्ड

