10 लाख Old Books से पढ़कर एक लाख बच्चे बचाएंगे कई हज़ार पेड़

Rohit Kumar
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उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद केवल देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार है. साल में तकरीबन 4 महीने गाजियाबाद वासियों को प्रदूषित हवा में सांस लेना पड़ता है. प्रदूषण के पीछे कोई और नहीं बल्कि हम ही जिम्मेदार हैं. प्रदूषण को लेकर सरकार तमाम कब आए थे तो करती हैं लेकिन यह कब आए थे जब तक कारगर साबित नहीं हो सकती जब तक एक एक व्यक्ति इस में अपना योगदान ना करें. पर्यावरण संरक्षण को लेकर गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा एक शानदार पहल की गई है.

गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा बुक एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं जिसके तहत छात्र-छात्राएं अपनी किताबों को बदल सकते हैं. उदाहरण के तौर पर यदि आपने आठवीं कक्षा पास की है तो आप आठवीं कक्षा की इस्तेमाल की हुई किताबें देकर नवी कक्षा की किताबें ले सकते हैं.

गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक बीते कई सालों से एसोसिएशन द्वारा एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं. हर साल एक्सचेंज प्रोग्राम से तकरीबन 10 से 15000 अभिभावकों को फायदा पहुंचता है लेकिन इस साल एसोसिएशन द्वारा तकरीबन एक लाख अभिभावकों को एक्सचेंज प्रोग्राम का फायदा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. पदाधिकारियों के मुताबिक औसतन एक कक्षा में 10 किताबें इस्तेमाल होती हैं. इस साल तकरीबन एक लाख अभिभावकों को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है तो औसतन 10 लाख पुरानी किताबों का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे बड़े स्तर पर पर्यावरण संरक्षण हो पाएगा.

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