सामने आया ओमिक्रॉन का तीसरा सब-वेरिएंट BA.3, जानें इसके बारे में WHO ने क्या कहा

Rohit Kumar
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पिछले दो साल से अधिक समय से कोरोना महामारी का असर पूरी दुनिया पर देखा जा रहा है। हाल ही में देश में संक्रमण की तीसरी लहर का कारण बने ओमिक्रॉन वैरिएंट की रफ्तार तो थम गई है, हालांकि इसके सब-वैरिएंट्स लगातार चिंता का कारण बने हुए हैं। ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स BA.1 और BA.2 के मामले दुनिया का तमाम देशों में रिपोर्ट किए गए। अध्ययनों में बीए.2 को अपेक्षाकृत अधिक संक्रामक माना जा रहा है। इस बीच वैज्ञानिकों ने एक और सब-वैरिएंट  BA.3 को लेकर भी लोगों को अलर्ट किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपने हालिया रिपोर्ट में इस सब-वैरिएंट के बारे में बताया है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि भले ही कोरोना की तीसरी लहर की रफ्तार कम हो रही है, लेकिन संक्रमण का खतरा वैश्विक रूप से अब भी जारी है। डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 तकनीकी प्रमुख और महामारी विज्ञानी मारिया वैन करखोव कहती हैं, ओमिक्रॉन के बीए.1 और बीए.2 के बीच काफी समानता है। बीए.3 भी ओमिक्रॉन का एक सब-वैरिएंट है जिसको लेकर लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। कोरोना के कम होते मामलों का मतलब यह नहीं कि संक्रमण का खतरा कम हो गया है, हम सभी को लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। आइए आगे की स्लाडडों में सब-वैरिएंट बीए.3 के बारे में जानते हैं।

ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट बीए.3

डब्ल्यूएचओ की जानकारी के अनुसार, ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट बीए.3 के भी मामले सामने आए हैं।  जर्नल ऑफ मेडिकल वायरोलॉजी में 18 जनवरी, 2022 को प्रकाशित एक अध्ययन ने भी इस सब-वैरिएंट की पुष्टि की है। अध्ययन के अनुसार, ओमिक्रॉन के बीए.1 और बीए.2 के संयोजन से यह नया सब-वैरिएंट सामने आया है। वैसे इसके स्पाइक प्रोटीन में कोई विशिष्ट म्यूटेशन नहीं देखा गया है। उत्तर पश्चिम दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले इस सब-वैरिएंट के मामले पाए गए हैं।

कितना संक्रामक हो सकता है सब-वैरिएंट बीए.3?

अध्ययन में पाया गया है कि ओमिक्रॉन के मूल बीए.1 सब-वैरिएंट की तुलना में बीए.3 में कुछ बदलाव जरूर देखे गए हैं। हालांकि इसकी प्रकृति के बारे में जानने के लिए आगे अध्ययन किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि बीए.3 के प्रसार की रफ्तार बहुत तेज नहीं होगी, क्योंकि इसमें कुछ म्यूटेशन कम हैं। अध्ययनों में चिंता का कारण माने जा रहे बीए.2 की तुलना में भी बीए.3 को कम संक्रामक बताया जा रहा है, हालांकि आगे के शोध इस बारे में ज्यादा स्पष्ट कर पाएंगे।

कितने गंभीर हो सकते हैं बीए.3 के लक्षण?

अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि बीए.3 के लक्षण ओमिक्रॉन के अन्य सब-वैरिएंट्स की तरह ही होने के अनुमान हैं। संक्रमण के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि शरीर वायरस के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करता है? ओमिक्रॉन के मूल और सब-वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं। कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट और इसके सब-वैरिेएंट्स के कारण गले में खराश, नाक बहना, छींक आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और हल्का बुखार जैसे लक्षण काफी सामान्य हैं।

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