नोएडा- नोएडा में रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर प्राधिकरण ने अब सख्त रुख अपना लिया है। लंबे समय से बकाया नहीं चुकाने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए उनकी संपत्तियों की नीलामी की तैयारी शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि करीब दो हजार करोड़ रुपये से अधिक के डिफाल्टर बिल्डर इस कार्रवाई के दायरे में हैं।
जानकारी के अनुसार, नोएडा में कुल 57 बिल्डर परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें से कई पर भारी बकाया चल रहा है। कुछ समय पहले तक इन बिल्डरों पर प्राधिकरण का लगभग 28 हजार करोड़ रुपये बकाया था। वसूली को लेकर सरकार ने एक विशेष समिति की सिफारिशों के आधार पर बिल्डरों को राहत देते हुए आंशिक भुगतान की सुविधा दी थी, ताकि वे किस्तों में बाकी रकम चुका सकें।
इस योजना के तहत कुछ बिल्डरों ने निर्धारित राशि जमा कर दी, जबकि कई ने सहमति देने के बावजूद भुगतान नहीं किया। वहीं कुछ बिल्डरों ने आंशिक भुगतान किया, लेकिन कई ऐसे भी हैं जिन्होंने न तो कोई राशि जमा की और न ही प्राधिकरण के सामने आए।
ऐसे डिफाल्टर बिल्डरों पर अब प्राधिकरण सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन बिल्डरों ने लगातार नियमों की अनदेखी की है, उनकी संपत्तियों को नीलाम कर बकाया वसूला जाएगा। यह कदम न केवल बकाया राशि की रिकवरी के लिए उठाया जा रहा है, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
