दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्ती, पार्कों और सड़कों पर बढ़ेगी निगरानी

News Desk
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नई दिल्ली: दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के लिए एलजी तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को बैठक की अध्यक्षता की. सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में महिलाओं से जुड़े अपराध पर चिंता जताई थी. उपराज्यपाल कार्यालय में देर शाम हुई इस अहम बैठक में मुख्य सचिव, एमसीडी कमिश्नर, एनडीएमसी चेयरमैन, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, डीडीए के उपाध्यक्ष और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति सहित कई प्रमुख अधिकारी और एजेंसियों के मुखिया मौजूद रहे. बैठक में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया गया और एलजी ने साफ निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

कॉलेजों और स्कूलों में बढ़ेगा जमीनी संपर्क

एलजी ने पुलिस और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे कॉलेजों, स्कूलों, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों, आरडब्ल्यूए (RWA) के साथ जमीनी स्तर पर संवाद और जुड़ाव को काफी तेजी से बढ़ाएं. यह संवाद केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, एसीपी और एसएचओ स्तर के अधिकारियों को खुद मैदान में उतरकर लोगों से मिलना चाहिए. बैठकों में मिलने वाले सुझावों और चिंताओं पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

पार्क और सार्वजनिक स्थल नहीं होंगे बंद

बैठक का एक अहम मुद्दा सार्वजनिक उद्यानों और पार्कों की सुरक्षा था. एलजी ने सभी एजेंसियों के प्रमुखों को अपने अधिकार क्षेत्र के बड़े पार्कों का खुद व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करने का निर्देश दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि सुरक्षा के नाम पर पार्कों या सार्वजनिक स्थानों को नागरिकों के लिए बंद नहीं किया जाना चाहिए. हालांकि, इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी पार्कों में उचित रोशनी (लाइटिंग) और पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात हों, ताकि वहां आने वाले लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें.

डार्क स्पॉट्स होंगे खत्म, बढ़ेगी पुलिस पेट्रोलिंग

संवेदनशील इलाकों और असुरक्षित रास्तों पर पुलिस गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं. दिल्ली पुलिस को विशेष रूप से कमजोर और संवेदनशील (vulnerable) साइट्स पर विजिबल पुलिसिंग और पेट्रोलिंग मजबूत करने को कहा गया है. इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग, डीडीए और एमसीडी को निर्देश दिए गए हैं कि वे सड़कों और सार्वजनिक परिसरों के आसपास के सभी ‘डार्क स्पॉट्स’ (अंधेरे वाले स्थान) की पहचान कर उन्हें पूरी तरह से खत्म करें. साथ ही, टूटी हुई चारदीवारी की मरम्मत कराने और उचित स्ट्रीट लाइट लगाने के भी आदेश दिए गए हैं.

परिवहन व्यवस्था होगी चाक-चौबंद

सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए परिवहन विभाग को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं. विभाग से कहा गया है कि वे अपनी बसों और अन्य वाहनों को पहले दिए गए निर्देशों के मुताबिक पूरी तरह सुरक्षित बनाएं. इसके अलावा, बस स्टैंडों और स्टॉप्स पर भी पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि रात के समय आवाजाही करने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा या असुरक्षा का सामना न करना पड़े.

इन मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा-

  • छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ कम्युनिटी इंगेजमेंट को और मजबूत करना.
  • संभावित अपराधों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग और विजिबल पुलिसिंग बढ़ाना.
  • डीडीए, एमसीडी और एनडीएमसी द्वारा पार्कों में लाइटिंग, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और टूटी सीमाओं को ठीक करना.
  • पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी और एमसीडी द्वारा सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाकर डार्क स्पॉट्स का पूरी तरह से सफाया करना.
  • परिवहन विभाग और डीटीसी द्वारा बसों और बस अड्डों को सुरक्षित व रोशन बनाना.
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