
नोएडा: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसे में घायल 55 वर्षीय DSP नरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शनिवार को इटावा में उनकी कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में DSP के साथ गनर कॉन्स्टेबल योगेंद्र सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके हिस्से एक्सप्रेस-वे पर बिखर गए। हादसे के बाद DSP और गनर वाहन के अंदर फंस गए थे। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार के दरवाजे काटकर दोनों को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
6 भाइयों में थे सबसे छोटे
DSP के चचेरे भाई कर्मवीर सिंह ने बताया कि नरेंद्र सिंह मूलरूप से नोएडा के सेक्टर-49 स्थित बरौला गांव के रहने वाले थे। उनका परिवार वर्तमान में ग्रेटर नोएडा में रह रहा है। वह 6 भाइयों में सबसे छोटे थे। दो भाई ग्रेटर नोएडा में और बाकी चार भाई अपने परिवार के साथ नोएडा में ही रह रहे हैं।
दो बेटियां और एक बेटा
डीएसपी नरेंद्र सिंह के एक बेटा और दो बेटियां है। बड़ी बेटी ने अभी हाल ही में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। छोटी बेटी बारहवीं पास कर कॉलेज में दाखिला लेने की तैयारी कर रही है। बेटा उनका अभी छोटा है जिसकी उम्र करीब 5 साल बताई जा रही है। पत्नी हाउस वाइफ हैं।
छह महीने पहले हुआ था प्रमोशन
नरेंद्र सिंह करीब छह महीने पहले बागपत में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। प्रमोशन के बाद उन्हें डीएसपी बनाया गया था। प्रमोशन के बाद बाराबंकी में उनकी पहली तैनाती हुई थी। नरेंद्र सिंह की बाराबंकी में तैनाती के बाद कार्यालय का कार्य देख रहे थे। वह एसपी कार्यालय में तैनात थे और सरकारी क्वार्टर में रहते थे। शनिवार को किसी काम से गनर के साथ मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुए थे।
गनर योगेंद्र सिंह की हालत गंभीर
दोनों घायलों को तत्काल सैफई पीजीआई में भर्ती कराया गया, लेकिन रविवार देर रात इलाज के दौरान DSP नरेंद्र सिंह की मौत हो गई। यह हादसा इटावा जिला मुख्यालय से करीब 47 किलोमीटर दूर ऊसराहार थाना क्षेत्र के कौवा रमपुरा गांव के पास हुआ था। हादसे में घायल गनर योगेंद्र सिंह की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
तेज बारिश से कम हो गई थी विजिबिलिटी
अब तक की जांच में पता चला है कि हादसे के वक्त तेज बारिश हो रही थी। इस वजह से विजिबिलिटी काफी कम थी। आगे चल रहे वाहन ठीक से दिखाई नहीं दे रहे थे। अचानक ट्रक चालक ने रफ्तार कम कर दी। इस वजह से पीछे करीब 100-110 kmph की रफ्तार में चल रहे कार के ड्राइवर को ब्रेक लगाने का मौका तक नहीं मिला। DSP के भाई और दोनों बेटियां रविवार को सैफई पहुंच गईं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
बड़े भाई वीएस चौधरी नोएडा के मशहूर डॉक्टर रहे
नरेंद्र सिंह, प्रसिद्ध शिक्षाविद स्वर्गीय चौधरी अतर सिंह ‘मास्टर’ के पुत्र थे। चौधरी अतर सिंह दादरी के मिहिर भोज इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य रहे। शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें काफी सम्मान प्राप्त था। नरेंद्र के सबसे बड़े भाई डॉ. वीएस चौधरी ने समाजसेवा और जनहित के कार्यों में सक्रिय योगदान दिया। दो महीने पहले उनका निधन हो गया था। वह नोएडा के सेक्टर-27 स्थित विनायक हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक थे। वीएस चौधरी नोएडा के जाने-माने डॉक्टरों में गिने जाते थे।
तीन भाई बिजनेसमैन
डॉ. वीएस चौधरी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शुमार रहे। वे नोएडा भाजपा के प्रथम जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष भी रहे। पिछले साल 2025 नरेंद्र से बड़े और चौथे नम्बर के भाई सत्येंद्र सिंह पुलिस से रिटायर हुए हैं। वह मेरठ विजिलेंस में दरोगा के पद पर तैनात थे। बाकी तीन भाई बिजनेसमैन हैं।
