नोएडा – पुलिस ने एक ऐसे शातिर मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो भीड़भाड़ वाले इलाकों और रेड लाइट चौराहों पर अनोखे तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने इस मामले में नयाबांस गांव निवासी पवन और गोलू को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का नाबालिग सदस्य अचानक चलती गाड़ियों के सामने आकर खुद को घायल होने का नाटक करता था। उसके शोर मचाने पर जब चालक वाहन से बाहर निकलता या खिड़की खोलता, तभी दूसरा साथी वाहन की दूसरी ओर से मोबाइल फोन चुराकर फरार हो जाता था।
आरोपी केवल इस तरह की वारदातों तक सीमित नहीं थे। वे राहगीरों की जेब से मोबाइल चोरी, झपटमारी, पीजी और बंद पड़े मकानों में चोरी जैसी घटनाओं को भी अंजाम देते थे। चोरी किए गए मोबाइल फोन को सस्ते दामों में बेच दिया जाता था। गिरोह का सदस्य पवन मोबाइल रिपेयरिंग का काम जानता था और अपने लैपटॉप की मदद से मोबाइल के लॉक तोड़कर उनके पार्ट्स अलग-अलग बेच देता था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह चोरी के सामान से मिले पैसों से अपना खर्च चलाता था और ऐशो-आराम पर रकम खर्च करता था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी अब तक 450 से अधिक आपराधिक घटनाओं में शामिल रहे हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे अपने साथ चाकू भी रखते थे, ताकि जरूरत पड़ने पर विरोध करने वालों को डराया जा सके।
पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
