कनावनी। गांव कनावनी के किसानों का अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना आज लगातार 28 वें दिन भी जारी रहा। चार सप्ताह से किसान शांतिपूर्ण एवं संगठित रूप से धरने पर डटे हुए हैं और अपनी मांगों पर अडिग हैं।
किसानों का कहना है कि प्राधिकरण द्वारा राजस्व अभिलेखों एवं खतौनियों में अपना नाम दर्ज किए गए हैं। किसानों के अनुसार, माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो जाने के बावजूद जब निर्धारित अवधि में अवॉर्ड नहीं बनाया गया, तो न्यायालय के आदेश के अनुसार प्राधिकरण के अधिकार समाप्त हो चुके हैं। ऐसे में अब किसानों की प्रमुख मांग है कि राजस्व अभिलेखों में किसानों के नाम पुनः दर्ज किए जाएं और खतौनियों में किसानों के नाम बहाल किए जाएं।
किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक राजस्व रिकॉर्ड में किसानों के नाम दर्ज नहीं किए जाते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। किसान अपनी जमीन और राजस्व अधिकारों की बहाली के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
आज कनावनी के धरना स्थल पर आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। प्रताप सिंह (बागपत), सतवीर सिंह (दौसा) सहित अन्य गांवों के लोग धरने पर पहुंचे और किसानों की मांगों के समर्थन में अपनी एकजुटता व्यक्त की।
धरने पर मथन सिंह नागर, श्रीचंद नागर, राजेंद्र सिंह नागर, रणवीर बैसला, धनेश्वर शर्मा, करण सिंह नागर, गजेंद्र सिंह नागर, दीपचंद नागर, विनोद नागर, सतीश नागर परवीन नागर ,अशोक कसाना, सहित अनेक किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
