प्रमोद हत्याकांड में बड़ा खुलासा: शूटरों तक हथियार पहुंचाने वाला जसवीर जांच के घेरे में, अगला टारगेट कौन?

News Desk
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बाहरी दिल्ली। नरेला के बाकनेर में प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की हत्या की जांच में पुलिस को साजिश के उस चेहरे का पता चला है, जिसने शूटरों तक हथियार पहुंचाए और उन्हें वारदात के निर्देश दिए थे। गिरफ्तार नीतिक, दीपक और नाबालिग से हुई पूछताछ में हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया गिरोह के गुर्गे जसवीर का नाम सामने आया है।

रोहिणी पुलिस अब जसवीर तक पहुंचने के साथ हथियारों के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या जसवीर पहले भी गिरोह से जुड़े शूटरों को हथियार उपलब्ध कराता रहा है।

एक हत्या की सुपारी के लिए करीब पांच लाख रुपये तय

पुलिस सूत्रों ने दावा किया शूटरों ने पूछताछ में यह भी बताया है कि गिरोह में एक हत्या की सुपारी के लिए करीब पांच लाख रुपये तय किए जाते थे। अब जांच का सबसे अहम सिरा उस नए टारगेट तक पहुंचने का है, जिसके लिए प्रमोद की हत्या के बाद शूटरों को दोबारा दिल्ली बुलाया गया था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीन सितंबर की सुबह बाकनेर गांव में जिम के बाहर प्रमोद कुमार की हत्या करने के बाद तीनों आरोपित दिल्ली से निकल गए थे। वे हरियाणा होते हुए राजस्थान के झुंझुनू और कोटा पहुंचे। वहां कुछ समय अलग-अलग ठिकानों पर रहे। फरारी के दौरान भी उनका गिरोह से संपर्क बना रहा।

इसी दौरान उन्हें अगली वारदात से संबंधित निर्देश मिले और वे नए टारगेट को अंजाम देने के लिए दिल्ली वापस आए थे। रोहिणी सेक्टर-24 में उनकी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर रोहिणी पुलिस ने मंगलवार रात घेराबंदी की।

तीनों बदमाशों को रोकना चाहा तब अचानक फायरिंग शुरू

डीसीपी रोहिणी शशांक जायसवाल की निगरानी में इंस्पेक्टर संदीप गोदारा, सब इंस्पेक्टर कर्मवीर और परवीन ने जब बाइक सवार तीनों बदमाशों को रोकना चाहा तब उन लोगों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में नीतिक और दीपक पैर में गोली लगने से दोनों घायल हो गए और पुलिस टीम ने इनके एक किशोर साथी समेत तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने करीब ग्यारह राउंड गोलियां चलाई जबकि पुलिस की तरफ से छह राउंड गोली चली। मामले में बेगमपुर थाने में आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में हरियाणा के रहने वाले जसवीर की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उसके नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच यह पता लगाने पर केंद्रित है कि क्या वह केवल हथियारों की व्यवस्था करता था या रेकी, टारगेट की पहचान और शूटरों को धन मुहैया कराने में भी शामिल था।

गिरफ्तारी से पहले रकम उनके हाथ नहीं पहुंच सकी

उसके गिरोह से जुड़े संपर्कों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को यह भी पता चला है कि दबोचे गए शूटरों को एक टारगेट की हत्या के बदले करीब पांच लाख रुपये दिए जाते थे। प्रमोद की हत्या के बाद भुगतान होना था, लेकिन गिरफ्तारी से पहले रकम उनके हाथ नहीं पहुंच सकी।

अब पुलिस सुपारी की रकम के स्रोत और लेनदेन की कड़ी तलाश रही है। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता कर रही है कि झुंझुनू और कोटा में शूटरों को किसने ठिकाना उपलब्ध कराया और वहां उनका किन लोगों से संपर्क रहा। साथ ही हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरी गिरोह से उनके संपर्कों की भी पड़ताल की जारी है।

पुलिस का अगला फोकस जसवीर तक पहुंचने और उस व्यक्ति की पहचान करने पर है, जिसे प्रमोद के बाद निशाना बनाया जाना था। अब पुलिस की जांच जसबीर तक पहुंचने, उसकी भूमिका स्पष्ट करने और उस नए टारगेट की पहचान पर केंद्रित है।

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