नोएडा: रैपिडो राइडर ने नोएडा में एक लड़की को पर्सनल मैसेज भेजकर पहले “हैलो, कैसी हो आप” पूछा और कुछ ही देर बाद सीधे “आई लव यू” लिख दिया। लड़की ने उसे चेतावनी दी कि अगर उसने दोबारा कॉल या मैसेज किया तो वह पुलिस में शिकायत करेगी, जिस पर राइडर ने जवाब दिया, “हां, जाओ कर दो। रैपिडो में भी कर दो।” इसके बाद लड़की ने पूरी बातचीत के स्क्रीनशॉट्स लिंक्डइन पर शेयर कर दिए और रैपिडो के को-फाउंडर अरविंद सांका को टैग करके औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद रैपिडो कंपनी ने लड़की से सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली है।
नोएडा निवासी डिजिटल कम्युनिकेशन एक्सपर्ट गीतिका श्रीवास्तव ने तीन दिन पहले रविवार को रैपिडो के जरिए एक पार्सल डिलीवरी बुक की थी। जिसके बाद डिलीवरी राइडर ने उन्हें निजी संदेश भेजना शुरू कर दिया। गीतिका ने लिंक्डइन पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि देश में एक महिला के रूप में जीना पहले से ही चुनौतीपूर्ण है और अब तो सिर्फ रैपिडो से पार्सल डिलीवरी बुक करना भी परेशानी का सबब बन गया है। उन्होंने राइडर द्वारा भेजे गए निजी और आपत्तिजनक संदेशों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर शिकायत की चेतावनी मिलने के बाद भी राइडर इतना बेफिक्र क्यों दिखा?
कंपनी पर उठाए सवाल
गीतिका ने इस बात पर हैरानी जाहिर की कि पुलिस या कंपनी में शिकायत दर्ज कराने की चेतावनी देने के बाद भी राइडर बेखौफ रहा और उल्टा शिकायत करने के लिए ही कह दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे व्यवहार करने वाले राइडर के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी? साथ ही उन्होंने रैपिडो की भर्ती प्रक्रिया और डिलीवरी पार्टनर्स की निगरानी तंत्र पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि कंपनी आखिर किस तरह के लोगों को राइडर के रूप में काम पर रख रही है।
रैपिडो ने किया रिप्लाई
मामले के सोशल मीडिया पर उजागर होने के बाद रैपिडो ने गीतिका की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी और माफी मांगी। कंपनी ने कहा कि वह डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के व्यवहार को लेकर ग्राहक की चिंता को समझती है और ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लेती है। रैपिडो ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि ग्राहकों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
यूजर्स ने कहा- रैपिडो का रवैया खराब रहा
कंपनी की माफी के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। लिंक्डइन पर तीन दिनों में 44 यूजर्स ने टिप्पणियां कीं और रैपिडो के जवाब पर भी सवाल उठाए। कई यूजर्स ने पूछा कि क्या केवल माफी मांगना पर्याप्त है या फिर ऐसे व्यवहार के लिए राइडर के खिलाफ ठोस कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। एक यूजर ने लिखा कि कंपनी और उसके कर्मचारी, दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया जाए, क्योंकि वह अपने ग्राहकों की गोपनीयता सुनिश्चित करने में विफल रही।
वहीं, अन्य ने लिखा कि महिलाओं की सुरक्षा और शिकायतों के मामलों में रैपिडो का रवैया अत्यंत निराशाजनक है। कंपनी इन चिंताओं को गंभीरता से नहीं लेती और ऐसा प्रतीत होता है कि उसके पास शिकायतों और सुरक्षा संबंधी मामलों से निपटने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। सबकुछ भगवान भरोसे चल रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी कुछ महिला मित्रों को भी रैपिडो के राइडर्स से इससे भी अधिक गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन रैपिडो सपोर्ट ने उनकी शिकायतों को सुलझाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए।
