‘जमीन के बदले नौकरी’ केस: लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय करने पर कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाई

Amit
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नई दिल्ली- दिल्ली की एक अदालत ने “जमीन के बदले रेलवे नौकरी” घोटाले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही पर अभी निर्णय नहीं दिया है। अदालत ने कहा कि आगे बढ़ने से पहले सीबीआई यह स्पष्ट करे कि जिन आरोपियों के बारे में कहा जा रहा है कि उनकी मृत्यु हो चुकी है, उनकी स्थिति आधिकारिक रूप से सत्यापित की जाए।

कोर्ट ने इसके लिए जांच एजेंसी को निर्देश दिए हैं और अगली सुनवाई 8 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है। मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, सीबीआई ने कुल 103 लोगों को आरोपी बनाया था। जांच के दौरान इनमें से चार आरोपियों के मृत्यु होने की जानकारी सामने आई थी, जिसे अदालत के आदेश पर अब दोबारा जांचा जाएगा।

यह पूरा मामला रेलवे की ग्रुप-डी भर्ती से जुड़ा है, जो मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित पश्चिम मध्य रेलवे जोन में 2004 से 2009 के बीच हुई थीं। उस अवधि में लालू प्रसाद रेलवे मंत्री थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन नियुक्तियों के बदले कुछ उम्मीदवारों ने लालू परिवार या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर जमीन के प्लॉट उपहार में दिए या कम कीमत पर स्थानांतरित किए।

सीबीआई ने इस प्रकरण में 18 मई 2022 को लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, उनके पुत्र तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव सहित अज्ञात रेल अधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

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