ग्रेटर नोएडा : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ( एनएचएम ) के नियमों को दरकिनार कर जिला अस्पताल में 15 स्टाफ नर्स और 2 लैब टेक्नीशियन की स्थानीय स्तर पर भर्तियों को लेकर शासन ने कड़ी कार्रवाई की है। दो तत्कालीन सीएमएस से कुल 50 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी की जाएगी। प्रशासन ने भर्ती से जुड़े दस्तावेज और वेतन भुगतान की जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
जिला अस्पताल ने अगस्त 2023 और 2025 के अलग-अलग महीनों में 15 स्टाफ नर्स और 2 लैब टेक्नीशियन की नियुक्तियां कीं, जबकि एनएचएम मुख्यालय पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि मानव संसाधन से जुड़ी भर्तियां स्थानीय स्तर पर नहीं की जा सकतीं। इसके बावजूद ये नियुक्तियां स्थानीय स्तर पर ही की गईं और इन कर्मचारियों को वर्ष 2023 से जून 2026 तक एनएचएम के माध्यम से वेतन भी मिलता रहा।
वेतन और भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल
इसको लेकर शासन ने सख्त कदम उठाया है। शासन ने जिला प्रशासन को न सिर्फ रकम वसूलने बल्कि पूरे मामले की तफ्तीश करने का भी आदेश दिया है। प्रशासन अब भर्ती में हुई गड़बड़ियों और जिम्मेदारी तय करने में लगा हुआ है। कर्मचारियों को दिए गए वेतन और भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर भर्ती के समय पदस्थ दोनों तत्कालीन सीएमएस से वसूली की कार्रवाई की जाएगी। दोनों अधिकारियों को नोटिस भेजकर लिखित जवाब देने को कहा गया है। प्रशासन ने भर्ती से जुड़े कागजात एकत्र करना शुरू कर दिए हैं और उस समय तैनात अन्य अधिकारियों से भी जानकारी मंगवाई जा रही है।
प्रशासन ने 17 कर्मचारियों की भर्ती से संबंधित पूरी जानकारी मांगी है। भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों तथा संबंधित दस्तावेजों की जाँच चल रही है। शासन के निर्देश के बाद तय किया जाएगा कि नियमों की अवहेलना की ज़िम्मेदारी किस पर आती है और कर्मचारियों को दिए गए वेतन में से कितनी राशि वसूल की जानी है।
डॉ. अशोक कुमार झा, सीएमएस
