नोएडा। नोएडा के सेक्टर-49 में साइबर ठगों ने मेटल स्क्रेप के व्यापारी विनीत गोयल को स्टाक मार्केट में निवेश करने पर ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक करोड़ 13 लाख रुपये की ठगी कर ली। शातिर ने उन्हें दिसंबर 2025 में मेसेज भेजकर खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताया। जवाब देने पर उन्हें पैसे कमाने का लालच देकर जाल में फंसा लिया।
आरोप है कि तीन महीने तक अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराने के बाद पीड़ित ने मुनाफा निकालना चाहा, तो शातिरों ने और पैसे जमा करने की शर्त रख दी। ठगी का पता चलने पर साइबर क्राइम थाने में ठगी का मुकदमा कराया है। टीम खातों में हुई ट्रांजेक्शन की डिटेल के आधार पर शातिरों की पहचान करने में जुटी है।
शिकायतकर्ता विनीत गोयल का दिल्ली में मैटल स्क्रेप का व्यापार है। उन्होंने पुलिस को शिकायत में बताया कि शातिर ठग ने ज्यादा कमाई का झांसा देकर उन्हें बीएनआई स्टाक मार्केट कोच मुंबई नाम के वाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया।
ग्रुप में शेयर बाजार से जुड़े संदेश और निवेश की जानकारी साझा की जाती थी। बाद में एक वेबसाइट पर आइडी रजिस्टर्ड कराई गई। योजना के तहत शातिर ने सबसे पहले 50 हजार रुपये निवेश कराए। कुछ देर में मुनाफे के तौर पर खाते में नौ हजार रुपये जमा कर दिए। वह शातिर के जाल में फंस गए और 14 दिसंबर को दस लाख रुपये, 17 दिसंबर को दो बार में 30 लाख रुपये, 19 दिसंबर को 12 लाख रुपये और 31 दिसंबर को दो बार में 10 लाख रुपये समेत कई ट्रांजेक्शन में रकम ट्रांसफर की।
रकम खाते में नहीं आई
पीड़ित का दावा है कि शातिर ने उनसे 16 मार्च तक विभिन्न खातों में कुल 1.13 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। निवेश करने पर खाते में मुनाफे की रकम भी बढ़ती गई। कुछ दिनों बाद उन्हें पैसों की जरूरत हुई तो निवेश की रकम निकालने का प्रयास किया, लेकिन रकम उनके खाते में नहीं आई। ठग ने उनसे और पैसे जमा करने की शर्त रख दी। व्यापारी को शक हुआ तो उन्होंने शातिर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसने जवाब देने के बजाय संपर्क सूत्र खत्म कर दिया।
दो महीने तक लगातार संपर्क करने पर जून में उन्हें साइबर ठगी हाेने का पता चला। इसके बाद साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत की। बैंक में ई-मेल और अन्य माध्यमों से सूचना देकर ट्रांजेक्शन की रकम होल्ड कराने का अनुरोध किया। मंगलवार को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि व्यापारी के खाते से हुई ट्रांजेक्शन से शातिरों का पता करने के लिए बैंक से डिटेल मंगाई गई है। इनके अलावा मोबाइल नंबर, वाट्सएप ग्रुप और वेबसाइट के लिंक से जानकारी जुटा रहे हैं। शातिरों का पता चलने पर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।
