जिले में कुत्तों के काटने की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी, सात महीने में 24 हजार से ज्यादा लोग बने शिकार

Amit
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नोएडा: जिले में पालतू और आवारा कुत्तों के हमलों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल की शुरुआत से अब तक पंजीकृत पालतू कुत्तों द्वारा 24 हजार से अधिक लोगों को काटे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अकेले जुलाई में 5,567 मामलों की पुष्टि हुई है, जो अब तक का सबसे अधिक मासिक आंकड़ा है।

इन हमलों के अलावा, लावारिस कुत्ते, बंदर, बिल्ली और अन्य जानवरों के काटने से एक लाख से ज्यादा लोग जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे हैं।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 44 केंद्रों पर वैक्सीनेशन की व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग ने जानवरों के काटने के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी को देखते हुए जिलेभर के 44 केंद्रों पर एंटी रेबीज वैक्सीनेशन की सुविधा शुरू की है। गंभीर मामलों में जिला अस्पताल में वैक्सीन के साथ इम्यूनोग्लोब्युलिन सीरम भी लगाया जा रहा है।

काटने के मामलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया

  • श्रेणी-1: केवल चाटना या त्वचा को छूना

  • श्रेणी-2: खुली त्वचा पर हल्का खरोंच या काटने की कोशिश जिसमें खून न निकले

  • श्रेणी-3: गहरा घाव या गंभीर रूप से काटना — इस स्थिति में वैक्सीन के साथ सीरम भी जरूरी होता है

जिला हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. अमित कुमार ने बताया कि अब पालतू और लावारिस जानवरों द्वारा काटने की घटनाओं का अलग-अलग रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है।

रेबीज: एक जानलेवा लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी

रेबीज एक वायरल संक्रमण है जो संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने से फैलता है। डॉ. अमित ने बताया कि रेबीज का संक्रमण कुत्तों के अलावा बंदर, बिल्ली, घोड़े आदि से भी हो सकता है। किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत उपचार कराना जरूरी है।

जिले में 34 हाई-रिस्क ज़ोन घोषित, सबसे ज्यादा हमले इन्हीं इलाकों में

स्वास्थ्य और नगर प्रशासन ने जिले में 34 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित किए हैं, जहां कुत्तों द्वारा हमला करने की घटनाएं सबसे ज्यादा दर्ज की गई हैं। इनमें शामिल हैं:

  • नोएडा व आसपास: सेक्टर-130, 110, भंगेल, नगली वाजिदपुर, बिसरख, हल्दौनी, नंगला चरणदास, पलवारी, जे जे कॉलोनी (सेक्टर-8, 9), हरोला, सदरपुर, बरोला आदि

  • ग्रेटर नोएडा क्षेत्र: ओमिक्रॉन-1, 2, 3, अट्टा फतेहपुर, जलपुरा, खरेली हाफिजपुर, कनारसी

  • जेवर क्षेत्र: मोहल्ला व्यापारियान, जहांगीरपुर, रबूपुरा, फलेदा, थोरा

  • पालतू कुत्तों के काटने के महीनेवार आंकड़

महीना घटनाएं
जनवरी 3,124
फरवरी 4,662
मार्च 2,463
अप्रैल 3,267
मई 2,958
जून 2,815
जुलाई 5,567

पालतू कुत्तों को लेकर लागू हैं सख्त नियम

नगर निगम और सोसाइटी प्रबंधन की ओर से पालतू जानवर पालने वालों के लिए गाइडलाइन जारी की गई हैं:

  • कुत्तों को केवल सर्विस लिफ्ट से ले जाने की अनुमति

  • बाहर घुमाते समय कुत्ते को मजल (muzzle) पहनाना अनिवार्य

  • पालतू कुत्ते या बिल्ली को लावारिस छोड़ने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी

  • अगर किसी को पालतू कुत्ता काटता है, तो पालक पूरी तरह जिम्मेदार होगा

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