साहिबाबाद (गाजियाबाद)। गाजियाबाद में कौशांबी के वैशाली कल्पना सोसायटी में जाकर पुलिस ने एक बार फिर गिरधर सिंह बिष्ट, उनकी मां व बहनों के बयान दर्ज किए हैं।
गिरधर ने बयान में कहा है कि वह परिवार और पड़ोसियों से परेशान होकर पंजाब आश्रम में चले गए थे। यहां परिवार की याद आने और पैसे खत्म होने पर वापस लौटे। उन्हे नहीं पता था कि उनके पीछे से क्या घटनाक्रम हुआ।
वहीं, मां और बहन ने भी लावारिस शव की गिरधर के रूप में शिनाख्त मामले में बयान को दोहराया है और कद-काठी से ही पहचान करने की बात कही है।
कोर्ट में पेश की जाएगी रिपोर्ट
पुलिस अब हत्या के मामले को समाप्त करने की और बढ़ रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट में पेश की जाएगी। फिलहाल पुलिस फर्जी मुकदमे के मामले में गिरधर के स्वजन को क्लीनचिट देने के मूड में दिखाई दे रही है।
बता दें कि वैशाली की कल्पना सोसायटी निवासी गिरधर को पुलिस ने मारपीट के मामले में शांतिभंग की धाराओं में जेल भेजा था। यहां से वह निजी मुचलके पर रिहा होने के बाद लापता हो गए थे। मां जेल मिलने गई तो गिरधर के लापता होने पर उन्होंने मसूरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
सात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की
24 जून को गिरधर का शव मिलने के ठीक 13 दिन बाद उनकी 13वीं भी कर दी गई। इसके अगले दिन 25 मई को वह वापस लौट आए थे। तब से गिरधर के स्वजन ने लोगों से दूरी बनाई हुई है और वह किसी से बात नहीं कर रहे हैं। स्वजन गिरधर को भी घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं।
आरोपी बनाए गए परिवार के बच्चों में खौफ
गिरधर व उनके स्वजन ने विवेचनाधिकारी ने बयान दर्ज किए हैं। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों व कोर्ट में भेजी जाएगी। इसके बाद हत्या का मुकदमा समाप्त करने पर विचार किया जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। – अजय सिंह, एसीपी, मसूरी

