नोएडा। दादरी नोएडा गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआइआर) के रूप में बसने वाला ‘नया नोएडा’ में भूमि देने वाले किसानों के लिए मुआवजे में वृद्धि की उम्मीद बढ़ गई है। यमुना प्राधिकरण की हालिया बोर्ड बैठक में भूमि अधिग्रहण की मुआवजा दर में छह प्रतिशत की वृद्धि के बाद, नोएडा प्राधिकरण भी इसी दिशा में निर्णय ले सकता है।
वर्तमान में नया नोएडा के लिए मुआवजा दर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित है, जो छह प्रतिशत की वृद्धि के बाद लगभग 4558 रुपये प्रति वर्गमीटर हो जाएगी। हालांकि अंतिम निर्णय सितंबर में प्रस्तावित नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिया जाएगा।
‘नया नोएडा’ 80 गांवों में विकसित करने की योजना
‘नया नोएडा’ को 80 गांवों की लगभग 209 वर्ग किलोमीटर भूमि पर विकसित करने की योजना है। प्राधिकरण किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण की तैयारी कर रहा है। मौजूदा नीति के अनुसार किसानों को भूमि के बदले 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा मिलेगा।
वहीं, सात प्रतिशत विकसित भूखंड लेने का विकल्प चुनने वाले किसानों को 3800 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। इन दोनों दरों में वृद्धि की संभावना है।
40 गांवों का राजस्व रिकॉर्ड एकत्र किया जा रहा
अधिकारियों के मुताबिक ‘नया नोएडा’ बसाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्राधिकरण ने भूमि से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दोनों ओएसडी को सौंपी है। पहले चरण में शामिल 40 गांवों का राजस्व रिकॉर्ड एकत्र किया जा रहा है। नवनियुक्त दोनों ओएसडी को 20-20 गांवों की जिम्मेदारी दी गई है।
भूमि और उसके मालिकाना हक से संबंधित रिकॉर्ड का कागजी मिलान किया जा रहा है। इसके लिए पांच लेखपालों की टीम गांवों में जाकर राजस्व रिकार्ड की जांच कर रही है। रिकार्ड तैयार होने के बाद किसानों से बातचीत शुरू की जाएगी। पहले चरण में बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर के गांव शामिल हैं।
ये गांव नया नोएडा में किए गए हैं शामिल
इनमें बुलंदशहर क्षेत्र के बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी तेजपुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, जोखाबाद, कैथरा, कनवरा, काड़ू, किशनपुर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगला बरोधा, नवादा, राजारामपुर, राजपुर खुर्द, सबदलपुर सलेमपुर कायस्थ, सनवाली, शाहपुर कालान, सेरपुर और सिकरा समेत अन्य गांव शामिल हैं।
गौतमबुद्ध नगर के आनंदपुर, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, बील अकबरपुर, छायसा, दया नगर, गिरिराजपुर, कोट, मिलक खंडेरा, नगला कामरू, नगला न्यानसुख, नेकरामपुर उर्फ विष्णुपुर, फूलपुर और सैंथली गांवों का भी रिकार्ड जुटाया जा रहा है।
