दिसंबर में भी नहीं मिली राहत, राजधानी की हवा लगातार रेड जोन में

Amit
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Delhi Air Pollution: राजधानी दिल्ली में स्थानीय कारणों और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है। हवा की रफ्तार बेहद धीमी रहने के कारण प्रदूषित कण वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे सात दिनों तक बेहद खराब श्रेणी में रहने के बाद आज हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई।

मंगलवार सुबह राजधानी की शुरुआत घने कोहरे और धुंध के साथ हुई। आसमान पर स्मॉग की मोटी परत छाई रही, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हुई। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के मुताबिक, सुबह के समय शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 413 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सुबह सात बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई इलाकों में एक्यूआई खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। अलीपुर में 408, आनंद विहार में 466, अशोक विहार में 444, बवाना में 427, चांदनी चौक में 425 और जहांगीरपुरी में 447 एक्यूआई दर्ज किया गया।

इसके अलावा, द्वारका सेक्टर-8 में 440, आईटीओ में 436, मुंडका में 451, पंजाबी बाग में 440, आरकेपुरम में 443, रोहिणी में 434, विवेक विहार में 446 और वजीरपुर में 440 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। कई इलाकों में हालात रेड जोन में बने हुए हैं।

दिसंबर का महीना समाप्ति की ओर है, लेकिन दिल्लीवासियों को अब तक साफ हवा नसीब नहीं हुई है। सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे महीने में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब एक्यूआई 200 से नीचे दर्ज हुआ हो। इस दौरान करीब 20 दिन हवा की गुणवत्ता रेड जोन में रही।

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार हालात कहीं ज्यादा खराब हैं। दिसंबर 2024 में जहां कुछ दिन हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में रही थी, वहीं इस साल दिसंबर में अधिकतर समय हवा ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव और प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों पर नियंत्रण न होने से आने वाले दिनों में राहत मिलना मुश्किल हो सकता है।

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