ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली क्षेत्र के एगिन रॉयल सोसायटी के जीएसटी सलाहकार संदीप कुमार से फिरौती वसूलने वाले आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 24 लाख 50 हजार रुपये की नगदी व साढ़े चार हजार रुपये के गहने बरामद किए हैं। पूरे मामले के सरगना ने गहने भंगेल स्थित मुथूट फाइनेंस से फिरौती की रकम देकर गहने छुड़ाए थे।
आरोपितों की पहचान थाना बिजनौर थाना नूरपुर के असगरीपुर गोहवार निवासी कशिश चौहान उर्फ ईशु, दिल्ली जिला महरौली जैतपुर एक्सटेंशन अर्पण विहार निवासी राजेश, मथुरा थाना गौझील गांव पचेहरा निवासी विवेक शर्मा, देवरिया थाना खामपार गांव निशानियां पेकोली निवासी अंकित शाही व एटा शांति नगर निवासी अंशुल के रूप में हुई है।
मामले का सरगना है ईशु उर्फ कशिश चौहान
पूरे मामले का सरगना ईशु उर्फ कशिश चौहान रहा। वह यशोभूमि द्वारका दिल्ली में डीसीपीओ (ड्राइवर कम पंप आपरेटर) के पद पर कार्यरत है। जबकि आरोपित राजेश पंवार दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल (डीसीडी) से जुड़ा हुआ है।
विवेक शर्मा भी बल्लभगढ़ में डीसीपीओ के पद पर कार्यरत रहा है। अंकित सिलारपुर में लोहे की ग्रिल व गेट बनाने का काम करता है। जबकि अंशुल दिल्ली में प्रोपर्टी डीलर का काम करता है।
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि ईशु पीड़ित संदीप कुमार को पिछले ढाई से तीन साल से जानता था। उसे पता चला था कि संदीप जीएसटी सलाहकार के रूप में जीएसटी से संबंधित बिलों में हेरफेर करके मोटा मुनाफा कमाता है।
उसने अपने साथियों के साथ मिलकर संदीप से मोटा पैसा ऐंठने की योजना बनाई। योजना के मुताबिक जैसे ही संदीप अपनी सिज्जू कुत्ते के साथ सोसायटी से बाहर कार में सवार होकर निकले कार का पिछा कर ऐस एस्पायर सोसायटी के पास कार को रोक लिया।
बुना ऐसा जाल कि फंसता गया संदीप
स्वयं को जीएसटी अधिकारी बताकर उसकी गाड़ी में बैठ गए। संदीप के कुत्ते को दूसरी कार में पीछे चल रहे आरोपित विवेक के सुपुर्द कर दिया था। दारोगा की वर्दी पहने ईशु चौहान था। जो गाड़ी चला रहा था।
जबकि अन्य जीएसटी अधिकारी बनकर बैठे हुए थे। आरोपितों ने ऐसा जीएसटी अधिकारी होने का ऐसा जाल बुना कि संदीप फंसता चला गया।
आरोपितों ने प्लान के मुताबिक जीएसटी की धनराशि वसूलने के लिए ब्लैकमेल करते हुए जीएसटी के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी।
29 लाख में तय हुआ मामला
आरोपितों ने उसे लखनऊ ले जाने का हवाला दिया। कार जब जेवर टोल से आगे निकल गई तो पीड़ित संदीप मांडवाली पर उतर आया। आरोपितों ने 50 लाख रुपये की डिमांड की। जिसके एवज में 29 लाख रुपये में मामला तय हो गया।
पुलिस का दावा है कि संदीप के भाई बल्लभगढ़ से आकर हवाला के जरिये अगड़िया चांदनी चौक से रकम लाकर आरोपितों को दी थी।
पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए घटना में प्रयुक्त दो कार, सब इंस्पेक्टर की वर्दी, दिल्ली सिविल डिफेंस की लोगों सहित वर्दी व सात मोबाइल फोन आरोपितों के कब्जे से बरामद किए हैं।

