नई दिल्ली। दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने और पुलिस के कार्रवाई के समय को कम करने के लिए जल्द ही एक आपातकालीन अलर्ट सिस्टम के रूप में सेफ दिल्ली मोबाइल एप तैनात करेगी। इस एप में जीपीएस ट्रैकिंग और लाइव ऑडियो-वीडियो स्ट्रीमिंग आदि की भी सुविधा होगी।
इस एप को सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, ताकि उच्च जोखिम वाली स्थितियों, विशेषकर महिलाओं से जुड़े मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पूरे शहर में इसे लागू करने का प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के सामने रखे जाने की संभावना है।
एप्लिकेशन की खासियतें
इस एप्लिकेशन का एक ट्रायल वर्जन हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने प्रस्तुत किया गया था, जिनके पास राजधानी में महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रभाग भी है। इस सिस्टम की क्षमताओं में वॉयस-इनेबल्ड एक्टिवेशन (आवाज से सक्रिय होना), रीयल-टाइम ऑडियो-वीडियो फीड और सीधे पुलिस मॉनिटरिंग रूम में लोकेशन स्ट्रीमिंग शामिल है, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियां गंभीर घटनाओं पर तुरंत और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सकेंगी।
सरकार के अधिकारी ने कहा कि यह एप्लिकेशन असुरक्षित रास्तों, सुनसान इलाकों, खराब रोशनी वाले रास्तों और लिंग आधारित हिंसा के मामलों में महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े चिंताजनक बने हुए हैं।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में साल 2024 में दुुष्कर्म के 1,058 मामले दर्ज किए गए थे, जो सभी प्रमुख महानगरों में सबसे अधिक थे। हालांकि दिल्ली पुलिस के ‘हिम्मत प्लस’ एप और पिंक पुलिस बूथ जैसी समान पहलें पहले भी शुरू की गई हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि नए एप्लिकेशन से इन प्रयासों को और मजबूती मिलने तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।

