दक्षिण दिल्ली बच्ची हत्याकांड: आरोपी के बयान असंगत, आपराधिक इतिहास की जांच तेज

News Desk
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नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली में 22 जून की रात 11 वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी के बयान असंगत बताए जा रहे हैं। पूछताछ में उसके द्वारा दी गई जानकारी मौके से मिले साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज से मेल नहीं खा रही है। जांचकर्ताओं को पता चला है कि आरोपी बशु सिंह को वर्ष 2021 में ही बिहार में गिरफ्तार किया गया था और उसके किशोरावस्था से ही आपराधिक रिकॉर्ड हैं।

बता दें कि आरोपी बाशु (29) को घटना के कुछ घंटों के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया था। वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है और जांचकर्ता घटनाक्रम को क्रमबद्ध तरीके से जोड़ रहे हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि सिंह को 2021 में बिहार के खगड़िया जिले में गिरफ्तार किया गया था और सीआरपीसी की धारा 109 के तहत बॉन्ड भरने के बाद छोड़ दिया गया था। जब वह नाबालिग था, तब भी उसे एक अपराध में पकड़ा गया था।

जांचकर्ताओं को पता चला है कि सिंह के खिलाफ बिहार में कम से कम पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से दो हत्या के प्रयास के हैं। इसके अलावा दंगा और छेड़छाड़ के भी आरोप हैं। सीआरपीसी की धारा 109 कार्यकारी मजिस्ट्रेट को यह अधिकार देती है कि वह ऐसे व्यक्ति से, जिस पर संदेह हो कि वह किसी संज्ञेय अपराध को करने के इरादे से अपनी मौजूदगी छिपा रहा है, अच्छा व्यवहार बनाए रखने के लिए एक साल तक का बॉन्ड (मुचलका) भरवा सकता है।

सूत्रों ने सिंह को आदतन अपराधी बताया और कहा कि दिल्ली पुलिस अपनी जांच के तहत बिहार में उसके आपराधिक कुंडली की जांच कर रही है। बिहार पुलिस से समन्वय कर उसके पुराने मामलों के रिकॉर्ड भी जुटाए जा रहे हैं। यह मामला 22 जून की सुबह छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास से 11 वर्षीय बालिका के अपहरण से जुड़ा है। पुलिस ने पहले बताया था कि सिंह ने बालिका को उसके परिवार के सदस्यों के पास फुटपाथ पर सोते समय उठा लिया था।

आरोपी ने बालिका को फरीदाबाद-गुरुग्राम बॉर्डर के पास एक सुनसान जंगली इलाके में ले जाकर बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी। बाद में उसने शव को पत्थरों के ढेर के नीचे छिपा दिया। पुलिस फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जुटा रही है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, वाहन जांच रिपोर्ट और मोबाइल फोन रिकॉर्ड शामिल हैं, ताकि केस को मजबूत किया जा सके। अपराध से पहले और बाद में सिंह की गतिविधियों का पुनर्निर्माण भी किया जा रहा है।

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