
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस एक बार फिर शांति भंग करने की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई कर सकती है।
शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले पुलिस ने उन्हें मार्च नहीं निकालने का नोटिस दिया था, इसके बावजूद कनॉट प्लेस पहुंचने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
पहले भी जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर हुई थी कार्रवाई
10 अक्टूबर को बिना अनुमति जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए लोगों को एकत्र होने की अपील करने के आरोप में अभिजीत दीपके समेत CJP के सह संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट के अंदर से हिरासत में लिया था।
11 अक्टूबर को पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया और उन्हें दिल्ली कैंट स्थित ACM कोर्ट में पेश किया। अदालत ने तीनों से एक साल तक शांति बनाए रखने का बॉन्ड भरवाया और 50-50 हजार रुपये के जमानत बॉन्ड पर छोड़ दिया।
बेल बॉन्ड के उल्लंघन में दो साथी जेल भेजे गए
इसके बाद 13 अक्टूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए। दोनों के खिलाफ ट्रेसपास का मुकदमा दर्ज किया गया और बेल बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोप में उन्हें पांच दिनों के लिए जेल भेज दिया गया।
तिरंगा मार्च से पहले दीपके को नोटिस
शुक्रवार को प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को मार्च नहीं निकालने का नोटिस दिया था। इसके बावजूद वह कनॉट प्लेस की पहुंचे।
जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और जाफरपुर कला थाने में रखा है। पुलिस अब बेल बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन को आधार बनाकर शनिवार को अभिजीत दीपके को गिरफ्तार कर सकती है।
