
पश्चिमी दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के गड्ढे में मोटरसाइकिल गिरने से जान गंवाने वाले 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत के मामले में फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट सामने आई है।
पुलिस की पूरक चार्जशीट के अनुसार, कमल के खून में प्रति 100 मिलीलीटर 150.2 मिलीग्राम एथिल अल्कोहल पाया गया। मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन चलाते समय रक्त में शराब की निर्धारित सीमा 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर है।
हादसा शराब पीने के कारण
रिपोर्ट में दर्ज मात्रा इस सीमा से पांच गुना से अधिक है। हालांकि, रिपोर्ट में शराब की मौजूदगी से यह अपने आप साबित नहीं होता कि हादसा शराब पीने के कारण हुआ।
कमल के परिवार की अधिवक्ता आस्था चतुर्वेदी ने रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि कमल शराब नहीं पीता था। उन्होंने बताया कि परिवार रिपोर्ट की दोबारा जांच कराने के लिए जल्द ही अदालत में अपील करेगा। कैलाशपुरी निवासी कमल एक निजी बैंक में कार्यरत था।
15 फीट गहरे गड्ढे में गिरी थी बाइक
वहीं, 5 और 6 फरवरी की दरमियानी रात जनकपुरी में सीवर पाइप लाइन डालने के लिए किए गए करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में उसकी मोटरसाइकिल गिर गई थी। हादसे में उसकी मौत हो गई।
परिवार ने वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस के प्राथमिक जांच में भी घटना स्थल के आस पास मानक के अनुसार चेतावनी साइन बोर्ड, रोशनी और सुरक्षा के उपाय नहीं मिले थे।
धिकारियों की भूमिका से जुड़े तथ्य
पुलिस की पूरक चार्जशीट में निर्माण कंपनी के कामकाज और अधिकारियों की भूमिका से जुड़े तथ्य भी हैं। जांच के अनुसार, कंपनी के निलंबित निदेशक कवीश गुप्ता और हिमांशु गुप्ता शक्तियां निलंबित होने के बावजूद संचालन से जुड़े काम कर रहे थे।
कंपनी के महाप्रबंधक नलिन कांत ने पुलिस को बताया कि दैनिक कामकाज के लिए उन्हें निलंबित निदेशकों से निर्देश मिलते थे। डीजेबी के कार्यकारी अभियंता एके ग्रेवाल ने सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश देने की बात कही गई है।
अधिवक्ता ने बताया कि 27 अक्टूबर को सुनवाई में परिवार आरोपित ठेकेदार को सजा देने की मांग के साथ डीजेबी के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी उठाएगा।
पुलिस के अनुसार, अधिकारियों की भूमिका की जांच जारी है। जांच के कुछ पहलुओं पर रिपोर्ट आने के बाद एक और पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
