दिल्ली हाईकोर्ट से महिला पत्रकार को बड़ा झटका: एसीपी पर जातिसूचक टिप्पणी के मामले में FIR रद्द करने से इनकार

News Desk
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नई दिल्ली। जातिसूचक टिप्पणी करने को लेकर एसीपी विवेक भगत द्वारा कराई गई प्राथमिकी पर रोक लगाने की मांग वाली महिला पत्रकार की याचिका पर तत्काल कोई आदेश पारित करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को इनकार कर दिया।

महिला पत्रकार ने एसीपी द्वारा कराई गई प्राथमिकी पर रोक लगाने की मांग की थी। एसीपी ने आरोप लगाया है कि तीन अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास एक विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार ने उनके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी की और उन्हें सबके सामने अपमानित किया।

समय की कमी का हवाला देते हुए न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने कहा कि पुलिस का पक्ष सुने बिना कोई आदेश नहीं दिया जा सकता।

अदालत ने कहा कि इस मामले की सुनवाई 19 से 26 अक्टूबर तक दशहरा की छुट्टियों के बाद होगी। एसीपी की शिकायत की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है।

पुलिस का पक्ष सुने बिना आदेश से इनकार

सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता ने पीठ को सूचित किया कि महिला पत्रकार को पहले ही सर्वोच्च न्यायालय से संरक्षण मिला हुआ है।

इसके अलावा अदालत ने प्राथमिकी को रद करने की मांग वाली महिला पत्रकार के अन्य सहयोगी की याचिका पर भी सुनवाई टाल दी। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले के कनाट प्लेस में तैनात एसीपी की शिकायत पर महिला पत्रकार सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी की थी।

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