ग्रेटर नोएडा। अधिकारियों और बोरिंग कराने वाले ठेकेदार की लापरवाही ने मेरे बेटे की जिंदगी निगल ली। भविष्य में और किसी बच्चे के साथ ऐसी अनहोनी न हो इसके लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यह मांग बेटे अव्यान को खोने वाले केंद्रीय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य पिता सीवान यादव ने पुलिस को दिए प्रार्थना-पत्र में की है।
पीड़ित पिता के अनुसार, शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अव्यान साथी लवकुश के साथ सोसायटी की पार्किंग नंबर एक के पास क्रिकेट खेल रहा था। बाल गड्ढे में जा गिरी, जिसे निकालते समय बेटा डूब गया।
लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला
वहीं, लवकुश के शोर मचाने पर सोसायटी में रहने वाले कलाकार हरमीत रतन करीब 10 मिनट में ही अन्य लोगों की मदद से उसे बाहर निकाल लिया। जब तक बेटे को अस्पताल पहुंचाया गया देर हो चुकी थी। उनका कहना है कि गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टिव मार्किंग समेत सुरक्षा के इंतजाम होते तो उनके बेटे की जान बच सकती थी।
आरोप है कि संबंधित एजेंसी और ठेकेदार ने निर्माण स्थल पर किए जाने वाले सुरक्षा मानकों की अनदेखी की है। पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करे। पता किया जाए खोदाई शुरू करने से पहले क्या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) से अनुमति ली गई थी। यदि ली गई थी तो दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।
सोसायटी और आसपास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने, वर्क आर्डर, अनुबंध, अनुमति पत्र, निरीक्षण रिपोर्ट, सुरक्षा अनुपालन रिकार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज जब्त करने की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की मांग
सीवान यादव ने प्रत्यक्षदर्शी लवकुश, अव्यान को निकालने वाले हरमीत रतन और अन्य के बयान दर्ज करने की मांग की। कहा उनका पुत्र इसलिए नहीं मरा कि वह खेल रहा था, बल्कि इसलिए जान गई क्योंकि जिन लोगों पर सार्वजनिक सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उन्होंने अपने कानूनी और नैतिक दायित्वों का पालन नहीं किया।
पिता और बड़े भाई ने दी मुखाग्नि
सफीपुर स्थित श्मशान घाट में अव्यान का अंतिम संस्कार किया गया। पिता और 13 वर्षीय बड़े भाई ने अव्यान को मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में सोसायटी के लोग मौजूद रहे। मां का रो-रोकर बुरा हाल था, वह बारबार बेहोश हो रहीं थी। बेटे को अंतिम विदाई देने डगमगाते कदमों से पहुंचे पिता रुंधे गले से लापरवाह सिस्टम को कोष रहे थे। यह मंजर देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
शव वाहन से जबरन नीचे उतारने का आरोप
स्वजन का आरोप है कि शव श्मशान घाट ले जाते समय रास्ते में कुछ रिश्तेदार पीछे रह गए थे। शव वाहन को कुछ देर रोकने का अनुरोध किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी।
आरोप है कि इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे और उन्हें वाहन से जबरन नीचे उतार दिया, जिससे उनके हाथ में चोट भी आई। बाद में पुलिस शव वाहन को लेकर आगे रवाना हो गई।

