
बिहार के समस्तीपुर जिले से 4 वर्ष पहले लापता हुआ मूक-बधिर युवक नोएडा में सब्जी की दुकान पर काम करता मिला। बिहार पुलिस ने उसके अपहरण और हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी पक्ष के लोगों ने उसे ढूंढ़ निकाला और बिहार पुलिस को सौंप दिया।
समस्तीपुर जिले के लालापुर गांव निवासी मदन यादव ने वर्ष 2022 में अपने 20 वर्षीय मूक-बधिर पुत्र रविशंकर के लापता होने की शिकायत पुलिस से की। एफआईआर में तीन लोगों को नामजद करते हुए पुत्र का अपहरण कर उसकी हत्या कर करने की आशंका जताई। युवक के अचानक गायब होने के बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने युवक की तलाश की, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई पता नहीं चल सका। पुलिस ने जांच के दौरान नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें जेल भी भेज दिया। युवक का कोई सुराग नहीं मिलने के कारण परिजनों की आशंका और मजबूत होती गई कि उसके साथ कोई अनहोनी हो गई है।
इधर, युवक नोएडा में सब्जी की दुकान पर काम करने लगा। तीन दिन पूर्व उसके गांव के कुछ लोग उसे मिल गए। दुकानदार ने बताया कि रविशंकर बिहार का ही रहने वाला है, लेकिन मूक-बधिर है। गांव के लोगों में से एक व्यक्ति ने उसकी बातों को समझा और परिवार की जानकारी ली। उसने मोबाइल फोन से इसकी वीडियो गांव के लोगों को भेजा। जानकारी करने पर पता चला कि समस्तीपुर में उसकी हत्या का केस दर्ज है। यह जानकारी आरोपी पक्ष के लोगों को लगी। वह रविवार को नोएडा आए और युवक को अपने साथ लेकर बिहार पुलिस के पास पहुंच गए।
मुकदमा समाप्त करने की गुहार लगाई
आरोपी पक्ष के लोगों का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली कि रविशंकर नोएडा में रह रहा है। वे लोग नोएडा पहुंचे और वहां से रविशंकर को ले गए। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए केस समाप्त करने की गुहार लगाई।
मूक-बधिर होने के कारण जांच और बयान महत्वपूर्ण
रविशंकर बोलने में असमर्थ है। ऐसे में उसके साथ चार वर्षों के दौरान क्या हुआ, यह पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। बिहार पुलिस का कहना है कि बरामद युवक का न्यायालय में बयान कराया जाएगा।
चार साल पुराने मामले की जांच की दिशा बदलेगी
रविशंकर के जिंदा मिलने से चार साल पुराने अपहरण मामले की पूरी जांच की दिशा बदल गई है। जिस मामले में हत्या की आशंका जताई गई थी। अब पुलिस को पता लगाना होगा कि युवक वास्तव में किन परिस्थितियों में घर से गया था।
मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठे
पुलिस यह भी जांच करेगी कि युवक के गायब होने के पीछे किसी व्यक्ति की भूमिका थी या वह स्वयं किसी कारण से घर से दूर चला गया था। साथ ही, नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक हुई कार्रवाई और उनके विरुद्ध जुटाए गए साक्ष्यों की भी समीक्षा की जाएगी। चार साल से जिस युवक को परिजन मृत समझने की आशंका में जी रहे थे, उसके अचानक जिंदा सामने आने से न सिर्फ परिवार, बल्कि पुलिस की जांचभी नए मोड़ पर पहुंच गई है।
