ग्रेटर नोएडा: अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की राह कठिन, किराए की गाड़ियों के लिए तरस रहा प्राधिकरण

News Desk
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में अतिक्रमण हटाने के लिए प्राधिकरण की राह आसान नहीं दिख रही है। सड़क, फुटपाथ और नालों पर कब्जा हटाने के लिए मशीनें और गाड़ियां किराए पर देने के लिए कोई ठेकेदार आगे नहीं आ रहा है।

इसी वजह से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अर्बन सर्विस विभाग को दूसरी बार 1.33 करोड़ रुपये का टेंडर निकालना पड़ा है।दरअसल, प्राधिकरण शहर को जाम-मुक्त और साफ-सुथरा बनाने के लिए एक साल तक लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाना चाहता है।

इसके लिए विभाग को जेसीबी, बुलडोजर, डंपर, ट्रक, टिपर और ट्रैक्टर-ट्राली की जरूरत है, जिन्हें किराए पर लिया जाना है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि पहली बार 16 सितंबर को निकाले गए टेंडर में ठेकेदारों ने कागजात पूरे नहीं किए और तय संख्या में बिड नहीं आईं, जिसके चलते टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

कई ठेकेदार संसाधन उपलब्ध कराने को तैयार नहीं

कई ठेकेदार संसाधन उपलब्ध कराने को तैयार नहीं हुए। मजबूरन प्राधिकरण को टेंडर निरस्त कर दोबारा प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी है। नई ई-निविदा 5 अक्टूबर को जारी की गई। इसे जमा करने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर और प्री-क्वालिफिकेशन बिड खोलने की तिथि 14 अक्टूबर तय की गई है।

इस कार्य के लिए टेंडर प्रपत्र का मूल्य 2520 रुपये और धरोहर राशि 2.68 लाख रुपये रखी गई है। अतिक्रमण के कारण जगत फार्म, तुगलपुर, नॉलेज पार्क एक, दो, तीन, कासना, अल्फा और डेल्टा सहित कई मार्केटों में जाम की स्थिति बनी रहती है।

फुटपाथ घिरे होने से पैदल चलना मुश्किल है और नालों पर कब्जे से जलभराव की समस्या बढ़ती है। अर्बन विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव का कहना है कि यदि इस बार टेंडर प्रक्रिया सफल रही तो शहर के सभी प्रमुख बाजारों और चौराहों पर नियमित रूप से बुलडोजर चलेगा, जिससे सड़कें खाली होंगी और सीवर-सफाई व्यवस्था भी सुधरेगी, ताकि जाम की समस्या दूर हो और शहर साफ सुथरा दिख सके।

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