नई दिल्ली: देश भर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जा रही है. ओडिशा के पुरी के अलावा, अहमदाबाद, कोलकाता और नोएडा और दिल्ली सहित कई शहरों में भक्त इस भव्य यात्रा में शामिल हो रहे हैं. पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ शाम 5 बजे खींचे गए, जिसके बाद बाकी सभी जगह पर आयोजित जगन्नाथ यात्रा के भी रथ खींचे गए.
रोहिणी में निकाली गई भगवान की भव्य यात्रा
राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 में आज भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई. जगन्नाथ मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा पूरे सेक्टर-24 के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़री, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के दर्शन के लिए उमड़े. इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी पहुंचीं और भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की.
रथ यात्रा के दौरान पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में रंगा दिखाई दिया. श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए भगवान जगन्नाथ के रथ के साथ चल रहे थे. जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया. मंदिर समिति और स्थानीय लोगों ने यात्रा के सफल आयोजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं, वहीं सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया.
सीएम रेखा दर्शन करने पहुंची
इस धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अलावा बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद योगेंद्र चंदोलिया, दिल्ली सरकार में मंत्री और बवाना विधानसभा से विधायक रविंद्र इंद्राज सहित कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए. सभी ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और प्रदेश में शांति, समृद्धि तथा नागरिकों के सुखद जीवन की कामना की. नेताओं ने श्रद्धालुओं का अभिवादन करते हुए इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को समाज में एकता और भाईचारे का प्रतीक बताया.
रथ यात्रा के दौरान महिलाओं, युवाओं और बच्चों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला. पूरा क्षेत्र “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा और भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ इस पावन यात्रा में भाग लिया.
बवाना विधानसभा से विधायक ओर दिल्ली सरकार में मंत्री रविंद्र इंद्राज ने कहा ये हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश की माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता यहां आई, और भगवान का आशीर्वाद लिया और साथ ही पूरी से लेके दिल्ली तक प्रभु अपने भक्तों से मिलने यात्रा के दौरान निकले ये हर भक्त के लिय सौभाग्य है .
मंदिर पदाधिकारी पवन जैन ने बताया कि आज के दिन भगवान जगन्नाथ अपना सिंहासन छोड़ अपने भक्तों से मिलने निकलते है. जिसके मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ओर प्राइवेट सिक्योरिटी का प्रबंध किया गया है.
रोहिणी सेक्टर-24 में निकली भगवान जगन्नाथ की यह भव्य रथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का भी संदेश देती नजर आई. श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता ने इस आयोजन को और अधिक विशेष बना दिया. भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद के साथ यह यात्रा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुई.
दिल्ली के चिरंजन पार्क में भी निकाली गई जगन्नाथ यात्रा
दिल्ली के चितरंजन पार्क इलाके में जय जगन्नाथ रथ यात्रा में देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी की पत्नी सविता कोविंद शामिल हुई. उन्होंने भगवान जगन्नाथ की पूजा करने के बाद रथ यात्रा का शुभारंभ किया.
वहीं आज विशेष तौर पर देशभर में इस्कॉन के द्वारा भी जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन किया गया. वही दिल्ली और एनसीआर के नोएडा और फरीदाबाद में भी इस्कॉन के द्वारा प्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन किया गया. जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं.
वहीं इस दौरान ईटीवी भारत से बात करते हुए इस्कॉन के उपाध्यक्ष बृजनंदन दास ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में जोश देखा जा रहा है. भगवान जगन्नाथ इस रथ यात्रा के माध्यम से अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ नगर यात्रा करते हुए श्रद्धालुओं से मुलाकात करते हैं और इसके बाद वह अपने मौसी के घर चले जाते हैं.
वहीं भोलानाथ बताते हैं कि यह चितरंजन पार्क इलाके में दूसरी बार आयोजित हो रही भगवान जगन्नाथ की यात्रा है जिसमें इस बार बड़े-बड़े नेता पहुंचे थे, इस यात्रा में शामिल होने के बाद उन्होंने अपने हाथ से भगवान जगन्नाथ का रथ खींचा, हम बहुत सौभाग्यशाली है जो भगवान जगन्नाथ की इस यात्रा में शामिल हुए हैं. भगवान जगन्नाथ यानी पूरे जगत के नाथ है वह हम सभी के लिए आशीर्वाद की कामना करते हैं.
बता दें उड़ीसा के पुरी में यह मुख्य यात्रा है, इस बार यहां करीब 30 लाख भक्तों के आने का अनुमान है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. वही अहमदाबाद में गृह मंत्री अमित शाह ने सुबह रथ यात्रा की मंगला आरती में हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना की. वही दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता और अन्य कई जगहों पर स्थानीय स्तर पर रथ यात्राएं निकाली जा रही हैं.

