नई दिल्ली। दिल्ली में क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो चोरों मेरठ स्थित मवाना निवासी राशिद उर्फ काला और कैथल के विनय को गिरफ्तार किया है। राशिद पर 20 मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों दिल्ली समेत अन्य राज्यों से वाहन चोरी करने के साथ चोरी के वाहन खरीदकर उन्हें दूसरे राज्यों में बेचते भी थे। इनकी निशानदेही पर चार कारें बरामद की हैं।
राशिद है अनपढ़
डीसीपी चंदर कुमार सिंह के अनुसार, राशिद अनपढ़ है, लेकिन वह गाड़ियों के सिक्योरिटी सिस्टम को तोड़ने में माहिर है। वह अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और टैबलेट्स की मदद से डुप्लीकेट चाभियां (की-प्रोग्रामिंग) बनाकर गाड़ियों का लॉक खोलकर कारों को चोरी कर लेता था। बीती 15 जुलाई को हवलदार अमित को सूचना मिली कि पश्चिम विहार ईस्ट थाने से चोरी हुई कार कैथल में है।
फर्जी नंबर प्लेट लगी टोयोटा इनोवा बरामद
एसीपी संजय कुमार नागपाल और इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी की टीम ने कैथल में छापेमारी कर विनय को उसके गोदाम से गिरफ्तार कर बेलेनो और फर्जी नंबर प्लेट लगी टोयोटा इनोवा बरामद की गई। विनय से पूछताछ कर पुलिस ने बीती 17 जुलाई को राशिद को गिरफ्तार कर लिया।
राशिद की निशानदेही पर दो और किआ सेल्टोस कारें बरामद हुईं। बलेनो कार थाना पश्चिम विहार ईस्ट और किआ सेल्टोस, भारत नगर थानाक्षेत्र से चुराई गई थी। उसके चेसिस और इंजन नंबर से छेड़छाड़ की गई। ये लोग गाड़ियों को चुराकर मोहसिन को देते थे।
विनय स्नातक पास है और कार स्क्रैप (कबाड़) का काम करता है। वह मोहसिन के जरिये चोरी की गाड़ियां खरीदता था और उन्हें काटकर स्पेयर पार्ट्स बाजार में बेच देता था।

