
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बड़े इंटरनेशनल सेक्सटॉर्शन रैकेट का खुलासा हुआ है। कनाडा के ब्रेम्पटन निवासी एनआरआई को फ्रॉडों ने अपनी साजिश का शिकार बनाया। गैंग ने नवप्रीत कौर नाम की फर्जी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए एनआरआई को टारगेट करके फंसाया। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। एआई के जरिए अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का प्रयास किया गया। बदमाशों ने एनआरआई से 50 हजार डॉलर यानी 48.15 लाख रुपये की मांग की। एनआरआई ने मामले की शिकायत गाजियाबाद पुलिस से की। इसके बाद पुलिस ने जांच कर पूरे गैंग का पर्दाफाश कर दिया है। चार आरोपियों को मामले में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने किया गैंग का खुलासा
गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी और इंटरनेशनल सेक्सटॉर्शन के इंटरनेशनल गिरोह का खुलासा किया है। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के कामकाज के तरीके के बारे में भी बड़ी जानकारी सामने आई है। यह गैंग फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों से वीडियो कॉल करता था। इसके बाद वीडियो रिकॉर्ड कर एआई की मदद से अश्लील वीडियो तैयार करते थे। वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर लोगों से पैसों की मांग की जाती थी।
मामले में पुलिस को गिरोह के अब तक करीब 6 करोड़ 58 लाख रुपये की ठगी किए जाने का पता चला है। गिरोह के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 40 शिकायतें भी मिली हैं। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क को खंगालने का प्रयास तेज किया है।
आरोपियों की हुई पहचान
गाजियाबाद पुलिस के एक्शन में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भी सामने आई है। इसमें हरियाणा के नूंह निवासी मोहम्मद फैसल और मुजफ्फरनगर निवासी मोहम्मद अमान त्यागी, मोहम्मद हम्माद त्यागी एवं मोहम्मद फैजान मलिक के नाम सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह वर्ष 2023 से सक्रिय था। गाजियाबाद पुलिस के पास कनाडा के एनआरआई की शिकायत के बाद पूरा मामला खुला है।
कैसे हुआ गैंग का भंडाफोड़
कनाडा निवासी एनआरआई ने गाजियाबाद पुलिस को की गई शिकायत में कहा कि फेसबुक मैसेंजर के जरिए उससे संपर्क किया गया। महिला के नाम से बनाई गई फर्जी आईडी से उसे वीडियो कॉल की गई थी। इसके बाद उसकी रिकॉर्डिंग से अश्लील एआई वीडियो तैयार कर 50 हजार डॉलर मांगे गए। रकम नहीं देने पर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जा रही थी। ठगी की राशि गाजियाबाद के आरडीसी स्थित एक बैंक खाते में मंगाई जा रही थी।
गाजियाबाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इसमें पता चला कि आरोपी मुजफ्फरनगर के लोगों से बैंक खाते खरीदकर उनका इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने के लिए करते थे। खाताधारक को इसके बदले करीब 15 हजार रुपये दिए जाते थे। आरोपी व्हाट्सऐप ग्रुप में खातों की जानकारी शेयर करते थे। किसी एकाउंट पर ज्यादा शिकायत आने पर उसका इस्तेमाल बंद कर दिया जाता था।
एसीपी ने दी जानकारी
मामले में एसीपी क्राइम अमित सक्सेना ने कहा कि साइबर फ्रॉड और इंटरनेशनल सेक्सटॉर्शन की घटना का खुलासा किया गया है। बैंक एकाउंट खरीदकर यह गैंग विभिन्न राज्यों से लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। मामले में गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से पांच मोबाइल फोन, चार अकाउंट किट, पांच सिम कार्ड और 2600 रुपये बरामद किए गए हैं। मामले की जांच चल रही है। इसमें अब तक 6 करोड़ 58 लाख रुपये का साइबर फ्रॉड किए जाने की जानकारी सामने आई है।
