गाजियाबाद। प्राधिकरण ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर सख्त कदम उठाया है। अब किसी भी सड़क, भवन, पार्क, नाले या अन्य विकास परियोजना में गुणवत्ता से समझौता करना आसान नहीं होगा।
जीडीए ने सभी विकास एवं भवन निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी क्वालिटी सर्विलांस के लिए स्वतंत्र एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर आवेदन मांगे गए हैं।
जीडीए की योजना है कि चयनित एजेंसी निर्माण कार्यों की शुरुआत से लेकर पूर्ण होने तक हर चरण की निगरानी करेगी। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, डिजाइन के अनुरूप कार्य, तकनीकी मानकों का पालन और कार्य की प्रगति का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा।
यदि किसी परियोजना में गुणवत्ता संबंधी कमी या लापरवाही मिलती है तो उसकी रिपोर्ट सीधे प्राधिकरण को सौंपी जाएगी, जिससे संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके।
20 जुलाई को खोली जाएंगी बोलियां
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार इसके लिए 20 जुलाई को तकनीकी बोलियां खोली जाएंगी। चयनित एजेंसी 730 दिन यानी दो वर्ष तक जीडीए की विभिन्न विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता की निगरानी करेगी। इस समय विभिन्न आवासीय योजनाओं, सड़कों, व्यावसायिक परिसर, पार्क और आधारभूत ढांचे पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
ऐसे में जीडीए का यह निर्णय परियोजनाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था लागू होने से निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ेगी, तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन होगा और जनता को लंबे समय तक टिकाऊ एवं सुरक्षित आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी।
अब इंजीनियर के साथ ही स्वतंत्र एजेंसी भी प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण कार्यों पर नजर रखेगी। गुणवत्ता में कमी मिली तो ठेकेदारों की जवाबदेही तय होगी।
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नन्द किशोर कलाल, उपाध्यक्ष जीडीए
