नोएडाः जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र में पानी भरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कोई संबंधित विभाग पर सवाल उठा रहा है तो कोई उसे 12000 करोड़ का स्वीमिंग पूल कह रहा है. बीते मंगलवार को हुआ बारिश के कारण पानी भर गया. हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 30 मिनट के भीतर पानी को निकाल दिया. अब सवाल यह है कि इस मामले में लापरवाही किसकी है. क्या एयरपोर्ट बनाने वाली कंपनी की या फिर इसका रखरखाव करने वाली कंपनी की.
पानी भरने को लेकर क्या बोली अथॉरिटी
इस मामले को लेकर अथॉरिटी ने बताया कि जलभरान के दौरान वाहनों को वैकल्पिक रास्ते से निकाला गया, जिससे उड़ानों के संचालन या यात्रियों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा और अब एयरपोर्ट पर स्थिति सामान्य है. हालांकि इस पूरे मामले को लेकर राजनीति शुरू हो गई है. एयरपोर्ट पर जलभराव का वीडियो वायरल होने के बाद आम आदमी पार्टी ने एक्स पर सरकार को लेकर हमला बोला है.
आम आदमी पार्टी ने लगाया आरोप
आप ने आरोप लगाया कि करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एयरपोर्ट की पहली ही बारिश में पोल खुल गई है. पार्टी ने इसे घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार का नतीजा बताया. बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन 28 मार्च को हुआ था. वहीं 15 जून से यहां कॉर्मशियल उड़ानों की शुरुआत हुई थी.
टाटा प्रोजेक्ट्स ने किया था इसका निर्माण
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास स्विट्जरलैंड की कंपनी Flughafen Zurich AG की सहायक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने किया था. वहीं इसका निर्माण कार्य भारतीय कंपनी टाटा प्रोजेक्ट्स ने किया है.

