हरनंदी नदी का बढ़ा जलस्तर, नोएडा की चोटपुर-शाहबेरी बस्तियों में घुसा पानी; प्रशासन अलर्ट

News Desk
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नोएडा। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा के बाद हरनंदी नंदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार देर शाम तक चोटपुर कालोनी, युसुफपुर और शाहबेरी गांव के आवासीय क्षेत्र में 200 मीटर अंदर पानी पहुंचने की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट हो गए।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने आला अफसरों को हरनंदी नदी के किनारे बसी कालोनियों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार और नायब तहसीलदार प्रीति बालियान ने इलाकों का निरीक्षण किया। चोटपुर कालोनी में अंतिम निवास तक पानी पहुंच गया है।

पशुओं को हटाया, सड़कें हुईं लबालब

आवासीय क्षेत्रों में हरनंदी नदी का पानी पहुंचने पर लोग डर रहे हैं। गांव में लोगों ने डूब क्षेत्र के पास से पशुओं को हटा लिया। लोगों का कहना है कि जलस्तर बढने से कालोनी की सड़कें भी डूब गई हैं। कई घरों के बाहर पानी पहुंचने से लोग दूसरी जगह जाने की व्यवस्था कर रहे हैं।

चोटपुर में शमशान घाट के आसपास भी पानी भर चुका है। लोगों का कहना है कि 2023 की तरह हरनंदी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई हैं। इंटरनेट मीडिया पर लोग बाढ़ का पानी धीरे-धीरे भरने का वीडियो बना कर प्रसारित कर रहे हैं।

निवासियों के लिए अगले कुछ दिन काफी चिंताजनक हो सकते हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सभी लोगाें को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बच्चे, बूढ़े और पशुओं को पानी के अंदर नहीं जाने की विशेष अपील की है।

उप जिलाधिकारी अभिनेंद्र सिंह ने बताया कि हरनंदी नदी के किनारे जितनी भी कालोनियों बसी हैं, सभी में एडीएम अजीत कुमार और नायब तहसीलदार प्रीति बालियान ने निरीक्षण कर स्थिति को देखा है। स्थानीय पुलिस भी क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही है।

शाहबेरी और युसुफपुर के लोगों से शरणालयों में जाने की अपील 

उप जिलाधिकारी ने शाहबेरी और युसुफपुर में प्रभावित लोगों से बिना किसी देरी के बाढ़ शरणालयों में जाकर शरण लेने की अपील की है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बाढ़ चौकियां एवं शरणालयों का भौतिक निरीक्षण करते रहें।

लाउडस्पीकर से लगातार लोगों को लगातार पानी के पास न रहने के लिए अलर्ट करते रहें। प्रभावित परिवारों को जरूरत का सामान भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी पूछा है कि कितना पानी डिस्चार्ज होने पर हरनंदी का पानी आबादी क्षेत्र में पहुंच जाता है।

प्रशासन ने एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, पंचायती राज विभाग और नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को अलर्टमोड पर रहने के लिए पत्र भेजा है।

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