
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में भू-माफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) का हंटर चलने के लिए तैयार है। डीडीए के लैंड मैनेजमेंट कमिश्नर डा मन्नान अख्तर ने साफ किया है कि सरकारी जमीनों को लेकर अब किसी भी तरह का रहम नहीं बरता जाएगा।
उन्होंने डीडीए की ओर से दो टूक चेतावनी भी दी है कि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण, अनधिकृत निर्माण या अवैध पार्किंग पाए जाने पर बिना किसी पूर्व नोटिस के तुरंत बुलडोजर एक्शन होगा।
वित्तीय चोट देने की भी तैयारी
डीडीए ने इस बार वित्तीय चोट देने की भी तैयारी कर ली है। अवैध निर्माण ढहाने और अतिक्रमण हटाने में प्रशासन का जो भी खर्च आएगा, उसकी पाई-पाई आरोपित की जेब से भू-राजस्व बकाए के रूप में वसूली जाएगी। इसके साथ ही केवल तोड़फोड़ नहीं होगी, बल्कि कब्जा करने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर आपराधिक मुकदमा भी चलाया जाएगा।
पिछले पांच साल का रिपोर्ट कार्ड
आधिकारिक रिकार्ड के मुताबिक डीडीए ने पिछले पांच वर्षों के दौरान कार्रवाई कर 316 डेमाेलिशन अभियान चलाकर लगभग 198 एकड़ बहुमूल्य सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया है।
-2024-25 : सबसे अधिक 122 डिमोलिशन अभियान चलाकर करीब 24.3 एकड़ जमीन बचाई गई।
-2023-24 : 113 बड़े अभियानों के जरिए रिकार्ड 66 एकड़ जमीन भू-माफियाओं से छीनी गई।
-2022-23 : 35 अभियानों में 44.91 एकड़ जमीन को मुक्त कराया गया।
-2021-22 : 21 अभियानों के तहत 20.29 एकड़ जमीन वापस ली गई।
-2020-21 : 25 अभियानों में लगभग 43 एकड़ जमीन पर दोबारा कब्जा हासिल किया गया।
जनता के लिए डीडीए की तीन बड़ी सलाह
डीडीए ने आम नागरिकों को भी धोखाधड़ी से बचाने के लिए तीन बड़ी सलाह दी है। पहली, बिना कानूनी स्टेटस एवं मालिकाना हक की पूरी जांच किए डीडीए की जमीन पर बनी किसी भी संपत्ति को न खरीदें, न बेचें और न ही उसका विज्ञापन करें। दूसरी, यदि किसी ने अनजाने में या जानबूझकर सरकारी जमीन को घेरा है, तो वह तुरंत उसे खाली कर दे। तीसरी, आम नागरिक अपने आसपास हो रहे किसी भी अवैध निर्माण या कब्जे की शिकायत तुरंत मोबाइल ऐप ”डीडीए-311” पर या टोल फ्री नंबर 1800110332 पर कर सकते हैं।
