नई दिल्ली- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली सरकार शीघ्र ही एक ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की स्थापना करने जा रही है। इस बोर्ड में ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधि और कार्यकारी सदस्य दोनों शामिल होंगे, ताकि उनकी जरूरतों और समस्याओं को बेहतर ढंग से समझकर नीति निर्माण किया जा सके। यह घोषणा उन्होंने नेशनल ट्रांसजेंडर अवार्ड्स के अवसर पर की।
कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय ट्रांसजेंडर अखाड़ा द्वारा “अर्धनारीश्वर” थीम पर किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2019 में लागू किए गए ट्रांसजेंडर अधिनियम का उल्लेख किया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि यह कानून ट्रांसजेंडर समुदाय की सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” महज एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार किन्नर समुदाय की बात सुनेगी और उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस नीतियां बनाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को समाज में बराबरी का दर्जा, सम्मान और अवसर मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल, विधायक शिखा राय सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और देशभर से आए गणमान्य लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने अर्धनारीश्वर के प्रतीक को मानवता का सार बताते हुए कहा कि स्त्री और पुरुष दोनों के बिना संतुलित समाज की कल्पना अधूरी है, और इसी समरसता में मानवता की सच्ची तस्वीर छिपी है।

