पश्चिमी दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल के अंदर रहें या बाहर, इनकी सुरक्षा की अपनी एक अहमियत है। जेल प्रशासन इस बात को बूखबी समझ रहा है।
जेल संख्या दो में जहां इनका सेल है, वहां आसपास कोई ऐसा कैदी नहीं है, जिसपर कोई जघन्य अपराध का आरोप हो। इनके सेल के आसपास जो भी कैदी हैं, उनपर ऋण की समय पर अदायगी नहीं करना, घरेलू हिंसा या अन्य मामले से जुड़े आरोपित हैं।
जेल सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा से जुड़े तमाम मसलों पर गौर करने के बाद ही मुख्यमंत्री के लिए जेल संख्या दो चुना गया। जेल संख्या दो की सुरक्षा पर स्वयं जेल महानिदेशक, अतिरिक्त महानिरीक्षक व उप महानिरीक्षक की पैनी निगाह है।
हाई रिस्क वार्ड से काफी दूर है मुख्यमंत्री का सेल
तिहाड़ परिसर स्थित एकमात्र महिला जेल को छोड़ दें तो शेष बची सभी आठ जेलों में हाई रिस्क वार्ड बने हैं। इन वार्डों में जघन्य अपराधों से जुड़े मामले के कैदी हैं। इनमें कई आतंकी व गैंगस्टर भी शामिल हैं।
सूत्रों की मानें तो जेल संख्या दो के हाई रिक्स वार्ड में छोटा राजन व नीरज बवाना भी बंद हैं। लेकिन इस वार्ड से मुख्यमंत्री के सेल की दूरी काफी है। जेल सूत्रों के अनुसार, हाई रिस्क वार्ड की पूरी व्यवस्था ही अलग होती है। सुरक्षा के मद्देनजर उस व्यवस्था का जेल के अन्य इलाकों की व्यवस्था से कोई मतलब नहीं होता है।

