ये बच्‍चों के फेवरेट मोटू-पतलू नहीं… बल्कि हैं खतरनाक डकैत… लूट और हत्‍या के कई मामलों में जा चुके हैं जेल

Rohit Kumar
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उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में शनिवार को एसआईटी चार्जशीट दाखिल करने जा रही है.एडीजी लॉ एंड ऑर्डर पी मुर्गेशन ने बताया कि 500 पेज की  चार्जशीट को दाखिल किया जा रहा है. इसमें 100 गवाहों के बयान लिए गए हैं.माना जा रहा है कि गलत कामों से इनकार की वजह से ही पुलकित ने दोस्तों के साथ उसकी जान ले ले ली.

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर पी मुर्गेशन का कहना है कि पूरे मामले की जांच हो चुकी है, जो तफ्तीश बाकी है, उसको लेकर एसआईटी आगे भी जांच करती रहेगी.डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर पी रेणुका देवी की निगरानी में एसआईटी की ये जांच आगे बढ़ी थी. उनका कहना है कि सभी साक्ष्यों को मजूबती से इकट्ठा कर जोड़ा गया है. फिलहाल अभी इस पूरे मामले में कुछ सबूतों को इकट्ठा करना बाकी है. इनकी  जांच की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि आरोपियों के खिलाफ हत्या की आईपीसी की धारा 302 201 120 बी 354 के साथ अनैतिक व्यापार निवारण कानून के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है. उत्तराखंड में वनत्रां रिसॉर्ट में अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी. होटल के मालिक पुलकित आर्य ने स्टाफ के दो अन्य सदस्य के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी और लाश चिल्ला नहर में फेंक दी थी.

पुलकित आर्य उत्तराखंड में बीजेपी के पूर्व नेता विनोद आर्य का बेटा है. आरोपों में कहा गया है कि होटल में काम करने वाली लड़कियों से मेहमानों के साथ गंदा काम करने के लिए मजबूर किया जाता था.अंकिता को भी इसके लिए मजबूर किया गया, जिससे इनकार पर भी उसकी हत्या कर दी गई.
19 वर्षीया अंकिता भंडारी की लाश 24 सितंबर को उत्तराखंड के ऋषिकेश में चिल्ला नहर से मिली थी.

अंकिता भंडारी मर्डर में अहम सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलकित आर्य औऱ अन्य हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था. अंकिता हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड ही नहीं उत्तर प्रदेश समेत कई जगहों पर जन आक्रोश देखने को मिला था. अंकिता के परिजनों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की है. जनता का गुस्सा इस कदर था कि जेल ले जाते वक्त रास्ते में आरोपियों की बुरी तरह पिटाई भी की थी.

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