श्रद्धा वाकर हत्याकांड: जांच अधिकारी राम सिंह के बयान दर्ज, 27 जुलाई को होगी जिरह

News Desk
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दक्षिणी दिल्ली। श्रद्धा वाकर हत्याकांड मामले में साकेत कोर्ट में आरोपित आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। कोर्ट में प्रतिदिन चल रही सुनवाई के क्रम में बृहस्पतिवार को करोलबाग सर्किल के टीआइ राम सिंह ने बयान दर्ज कराया। वे केस के जांच अधिकारी भी हैं, जो तब महरौली थाने में बतौर एसआई तैनात थे।

इससे पहले 21 जुलाई को डीएनए विशेषज्ञ वीआर गिरनार व 22 जुलाई को एटीओ मधु विहार में तैनात इंस्पेक्टर संदीप ने बयान दर्ज कराए थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने बयानों पर जिरह के लिए 27 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।

35 टुकड़ों में मिली थी श्रद्धा की लाश

टीआई राम सिंह ने महरौली के जंगल में 35 टुकड़ों में मिली श्रद्धा की लाश, तत्कालीन परिस्थितियों, साक्ष्य और आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर बयान दर्ज कराए हैं। मामले में बयान दर्ज कराने के लिए वॉट्सएप के नोडल ऑफिसर एड्रियन सिल्वेरा, गूगल की शेल्बी स्मिथ, गूगल (जीमेल) की आरती सेठ व बंबल के ल्यूक मित्सी की ओर से वीडियो कांफ्रेसिंग की अनुमति वाली अर्जी दाखिल की गई है।

सुनवाई 20 जुलाई से 27 जुलाई तक प्रतिदिन करने का फैसला

इस याचिका पर शुक्रवार को जिरह होगी। 29 मई को मुकदमे में तेजी लाने के लिए श्रद्धा वॉकर मर्डर केस की सुनवाई 20 जुलाई से 27 जुलाई तक प्रतिदिन करने का फैसला किया गया था। आठ जुलाई को कोर्ट ने सुनवाई की एक तारीख रद कर दी थी। आरोपित की 20 जुलाई को एमए (सोशियोलॉजी) की परीक्षा थी। यह परीक्षा तिहाड़ जेल परिसर में स्थित इग्नू सेंटर में होनी थी।

अभियोजन पक्ष के कुल आठ गवाहों से पूछताछ की जानी

अभियोजन पक्ष के कुल आठ गवाहों से पूछताछ की जानी है। यह मामला 2023 से लंबित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मई 2022 में पूनावाला ने कथित तौर पर श्रद्धा वाकर की हत्या कर दी थी। यह मामला नवंबर 2022 में तब सामने आया जब उसके माता-पिता ने उससे संपर्क करने की कोशिश की। नवंबर 2022 में महरौली पुलिस स्टेशन में एफआइआर दर्ज की गई थी।

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