जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण में विस्थापित हुए किसानों को करीब छह साल के लंबे इंतजार के बाद अब आरएंडआर टाउनशिप में आवंटित भूखंडों का मालिकाना हक मिलना शुरू हो गया है। लंबे समय से भूखंडों की रजिस्ट्री की मांग कर रहे किसानों के लिए शुक्रवार को राहत भरी शुरुआत हुई।
जेवर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रशासन की ओर से पहले दिन सात किसानों के भूखंडों की रजिस्ट्री कराई गई। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय जेवर पहुंचकर प्रभावित किसानों को अपने हाथों से रजिस्ट्री पत्र सौंपे।
एयरपोर्ट के प्रथम चरण के लिए जेवर क्षेत्र के छह रोही और उसके माजरे नगला गणेशी,नगला फूलखां व दयानतपुर के माजरा दयानतपुर खेड़ा, नगला शरीफ खां, नगला छीतर और किशोरपुर गांवों के लभभग 3200 किसानों को विस्थापित कर जेवर बांगर आरएंडआर टाउनशिप में बसाया गया है।
इन विस्थापित किसानों के लिए लगभग दो लाख वर्गमीटर जमीन में भूखंड आवंटित किए गए हैं। भूखंड मिलने के बाद से किसान इनके विधिवत मालिकाना हक की मांग कर रहे थे। शुक्रवार से शुरू हुई रजिस्ट्री प्रक्रिया के तहत पहले पांच किसानों को उनके आवंटित भूखंडों का मालिकाना हक प्रदान किया गया।
प्रशासन के अनुसार अब अन्य किसानों की भी चरणबद्ध तरीके से रजिस्ट्री कराई जाएगी। इससे किसानों को अपने भूखंड पर कानूनी अधिकार प्राप्त होगा और संपत्ति संबंधी कार्यों में भी सुविधा मिलेगी। रजिस्ट्री का कोई खर्च किसानों से नहीं लिया जाएगा। नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से करीब तीन वर्ष पहले स्टांप और निबंधन शुल्क के लिए 17 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई थी।
इसी धनराशि से विस्थापित किसानों के भूखंडों की रजिस्ट्री का खर्च वहन किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह ने बताया कि विस्थापित किसानों के भूखंडों की रजिस्ट्री शुरू हो गई है। अब लगातार रजिस्ट्री कराई जाएगी, ताकि सभी विस्थापित किसानों को उनके आवंटित भूखंड का मालिकाना हक मिल सके।
किसानों से नहीं लिया जाएगा रजिस्ट्री का कोई शुल्क
जेवर बांगर आरएडंआर टाउनशिप में विस्थापित किसानों को 1.95 लाख वर्गमीटर जमीन के प्लाट आवंटित किए गए थे। जमीन का रेट 14,500 रुपये प्रतिवर्गमीटर की दर से आवंटित जमीन की कीमत 282 करोड़ रुपये है। पांच प्रतिशत स्टांप शुल्क कीमत 14.11 करोड रुपये व एक फीसदी निबंधन शुल्क 2.82 करोड़ के अलावा प्रतिलिपिकरण शुल्क सहित कुल रजिस्ट्री खर्च 16.97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति के बाद राज्य सरकार ने अपने अंश की 6.36 करोड़ धनराशि तीन साल पहले ही जारी कर दी थी। बाकी धनराशि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण ने अपने अंश के हिसाब देनी थी।
पहले दिन पांच किसानों को मिला मालिकाना हक
नागरिक उड्डयन विभाग की तरफ से नामित प्रशासक उपजिलाधकारी जेवर ने तहसीलदार गौतमबुुद्धनगर अजयेंद्र प्रताप सिंह को रजिस्ट्री कराने के लिए नामित किया है। शुक्रवार को उन्होंने नगला शरीफ खां निवासी उमर मोहम्मद, दयानतपुर खेडा निवासी हंसराज, और ओमप्रकाश व रोही निवासी जयवीर व प्रेमवती को उनके आवंटित प्लाट की रजिस्ट्री कराते हुए मालिकाना हक दिया है।

