जेवर। मां की गोद को दुनिया का सबसे सुरक्षित ठिकाना कहा जाता है। जिस आंचल में बच्चे को जन्म के बाद पहली बार सुकून मिलना चाहिए, उसी आंचल से कुछ नवजात जन्म लेते ही दूर कर दिए जा रहे हैं। जेवर क्षेत्र में सामने आ रही घटनाएं न सिर्फ इंसानियत को झकझोर रही हैं, बल्कि मां की ममता पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।
अनचाहे गर्भ से जन्म लेने वाले मासूमों को कोई कूड़े के ढेर पर छोड़ रहा है तो कोई झाड़ियों में फेंक चले जा रहे है, तो कहीं मकान की छत या सुनसान श्मशान स्थान को उनका आखिरी ठिकाना बना दे रहा है।
जेवर कोतवाली क्षेत्र में लगभग आठ माह पूर्व एक मकान की सुनसान छत पर नवजात बच्चा सर्दी और भूख से बिलखता मिला था। उससे कुछ वर्ष पहले एक नवजात बच्चा सीएचसी जेवर के पास झाड़ियों में मिला था, जिसे कुत्तों ने नोंचकर मौत के घाट उतार दिया था। गुरुवार को एक्सप्रेसवे के किनारे फेंकी गई नवजात बच्ची को भी आवारा कुत्तों ने नोंचकर मौत के घाट उतार दिया। जिस बच्ची को मां की लोरी सुननी थी, वह दुनिया में आने के कुछ ही समय बाद दर्दनाक मौत का शिकार हो गई।
नवजात बच्ची की जिंदगी शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई। इन घटनाओं में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उस मां के दिल पर क्या गुजरी होगी, जिसने अपने ही कलेजे के टुकड़े को मौत के मुंह में छोड़ दिया। सामाजिक लोकलाज, परिवार की बदनामी और झूठी आन की कीमत आखिर उन निर्दोष मासूमों को क्यों चुकानी पड़ रही है, जिनका किसी तरह का कोई दोष नहीं है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अविवाहित महिलाओं, लिव-इन संबंधों में रह रही महिलाओं या तलाक के बाद अकेले जीवन जी रही महिलाओं के सामने सामाजिक दबाव ऐसी परिस्थितियां पैदा कर सकता है। हालांकि, प्रत्येक मामले के वास्तविक कारण की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकती हैं।
नवजात की मौत एक जिंदगी का अंत नहीं संवेदना की भी मौत
एक मासूम की मौत सिर्फ एक जिंदगी का अंत नहीं है, बल्कि उस संवेदना की मौत भी है, जिसके लिए मां की ममता को दुनिया में सबसे पवित्र माना जाता है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में पुलिस महज नवजात की बरामदगी करने तक सीमित न रहे, बल्कि उन हाथों तक पहुंचे जो जन्म लेने से पहले ही किसी मासूम की जिंदगी का फैसला कर देते हैं। लेकिन कई मामलों में दोषियों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिलती। यही वजह है कि घटनाओं की पुनरावृत्ति लगातार सामने आ रही है।
पत्थरों के बीच मिले नवजात बच्ची के शव को पोस्टमार्टम कराते हुए दो टीमें मामले के पर्दाफाश में लगी हुई हैं। आशंका है कि जेवर के बाहर से जन्मे बच्चे को यहां लाकर फेंका गया है। सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से जांच जारी है जल्द पर्दाफाश होगा।
-अजय कुमार सिंह कोतवाली निरीक्षक जेवर

