गाजियाबाद। प्रदेश में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत विद्युत भार बिना पूर्व सूचना बढ़ाए जाने का मामला अब गरीब उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है।
जिले में पांच हजार से अधिक लाइफलाइन घरेलू उपभोक्ताओं के एक किलोवाट के कनेक्शन को दो किलोवाट किए जाने से उन्हें सरकार की सब्सिडी योजना से बाहर कर दिया गया है। अब इन उपभोक्ताओं को अब रियायती दरों के बजाय सामान्य दरों पर बिजली बिल का भुगतान करना पड़ेगा।
जिले में जोन-1 में 1,081, जोन-2 में करीब 7,500 तथा जोन-3 में करीब 1,500 लाइफलाइन उपभोक्ता हैं, जिन्हें सरकार की सब्सिडी योजना का लाभ मिलता रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें स्वीकृत भार बढ़ाने से पहले कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई।
बाद में मोबाइल पर संदेश भेजकर बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत भार से अधिक बिजली उपयोग करने के कारण उनका लोड बढ़ा दिया गया है।
435 रुपये तक बढ़ सकता है अतिरिक्त भार
विशेषज्ञों के अनुसार एक किलोवाट से दो किलोवाट स्वीकृत भार होने पर ग्रामीण क्षेत्र के गरीब उपभोक्ताओं पर औसतन 165 रुपये तथा शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर लगभग 435 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त भार पड़ सकता है।
इस हिसाब से सालाना बिजली बिल में दो हजार से पांच हजार रुपये तक की वृद्धि संभव है।उपभोक्ताओं का कहना है कि टैरिफ आदेश में स्पष्ट प्राविधान है कि यदि किसी उपभोक्ता का स्वीकृत भार निर्धारित सीमा से अधिक पाया जाता है तो पहले उसे नोटिस देकर स्थिति से अवगत कराया जाना चाहिए।
इसके बाद ही स्वीकृत भार बढ़ाने की कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया का पालन किए बिना बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का लोड बढ़ा दिया गया।
हालांकि विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि जिले में लाइफलाइन उपभोक्ताओं के लोड में वृद्धि नहीं की गई है। किसी पात्र उपभोक्ता को सब्सिडी से बाहर नहीं किया जाएगा।
कौन होते हैं, लाइफलाइन उपभोक्ता
लाइफलाइन श्रेणी में वे घरेलू उपभोक्ता आते हैं जिनका स्वीकृत विद्युत भार एक किलोवाट तक होता है और मासिक बिजली खपत 100 यूनिट तक रहती है।
ऐसे उपभोक्ताओं से तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल लिया जाता है, जबकि वास्तविक दर 6.75 रुपये प्रति यूनिट है। शेष 3.75 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी सरकार वहन करती है। यदि स्वीकृत भार दो किलोवाट हो जाता है तो उपभोक्ता इस श्रेणी से बाहर हो जाते हैं।
जिले में लाइफलाइन उपभोक्ताओं का विवरण
| जोन | लाइफलाइन उपभोक्ता |
|---|---|
| जोन-1 | 1,081 |
| जोन-2 | करीब 7,500 |
| जोन-3 | करीब 1,500 |
| सब्सिडी से बाहर होने वाले उपभोक्ता | 5,000 से अधिक |
जिले में जोनवार बढ़ाया गया विद्युत भार
| जोन | प्रभावित उपभोक्ता | बढ़ा स्वीकृत भार (किलोवाट) |
|---|---|---|
| जोन-प्रथम | 31,498 | 33,789 |
| जोन-द्वितीय | 50,890 | 58,706 |
| जोन-तृतीय | 55,134 | 56,057 |
| कुल | 1,37,522 | 1,48,554 |
