नई दिल्ली- राज्यसभा में कार्य संचालन को सुचारु रखने के लिए सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उप-सभापतियों के नए पैनल की घोषणा कर दी है। 21 नवंबर 2025 से लागू इस पैनल में कुल सात सांसदों को स्थान दिया गया है, जो जरूरत पड़ने पर सभापति की अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही संभाल सकेंगे।
नए पैनल में अलग-अलग राजनीतिक दलों से सांसदों को शामिल किया गया है। इनमें भाजपा के चार सदस्य, कांग्रेस का एक सदस्य, एआईएडीएमके का एक सदस्य और डीएमके का एक सदस्य शामिल हैं। चयनित सदस्यों में डॉ. दिनेश शर्मा, भुवनेश्वर कलिता, एस. फांगनोन कोन्यक, रजनी पाटिल, डॉ. ससमित पात्रा, डॉ. एम. थाम्बिदुरई और तिरुची शिवा का नाम शामिल है।
पैनल में उत्तर प्रदेश से भाजपा के डॉ. दिनेश शर्मा, असम से भुवनेश्वर कलिता, नगालैंड से एस. फांगनोन कोन्यक, महाराष्ट्र से कांग्रेस की रजनी पाटिल, ओडिशा से डॉ. ससमित पात्रा, तमिलनाडु से एआईएडीएमके के डॉ. थाम्बिदुरई और डीएमके के तिरुची शिवा को शामिल किया गया है।
संसदीय प्रक्रियाओं में अक्सर ऐसी स्थिति आती है जब सभापति और उपसभापति दोनों ही उपलब्ध नहीं होते। ऐसे समय में पैनल के ये सदस्य सदन का संचालन संभालते हैं और कार्यवाही को बिना रुकावट आगे बढ़ाते हैं। यही कारण है कि यह पैनल राज्यसभा के दैनिक संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
