सेक्टर-150 हादसे ने खोली व्यवस्थाओं की पोल, युवक की मौत के बाद बिल्डर और प्राधिकरण पर उठे सवाल

Amit
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नोएडा- ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद न सिर्फ एक परिवार उजड़ गया, बल्कि इलाके की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की हकीकत भी सामने आ गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीमों को रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बताया गया कि दुर्घटनाग्रस्त कार सड़क से करीब 70 फीट दूर गहरे पानी में जा गिरी थी, जबकि उपलब्ध क्रेन की पहुंच महज 40 फीट तक ही थी।

चारों ओर घनी झाड़ियां, गहरा पानी और उपयुक्त जगह न मिलने के कारण बोट भी नहीं उतारी जा सकी। कोहरा और अंधेरा होने से दृश्यता लगभग शून्य थी, जिससे राहत कार्य में लगातार देरी होती रही। संसाधनों और तकनीकी सीमाओं के चलते देर रात तक कार को बाहर नहीं निकाला जा सका।

पीड़ित पिता की तहरीर में आरोप लगाया गया है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां न तो बैरिकेडिंग थी और न ही कोई रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत लगाए गए थे। उन्होंने प्लॉनर और डेवलपर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो इस हादसे को रोका जा सकता था।

घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बिल्डर व प्राधिकरण को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना है कि यदि बेसमेंट और नालों को सुरक्षित किया गया होता तथा समय रहते चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो एक युवक की जान बच सकती थी।

सेक्टर-150 में करोड़ों रुपये के फ्लैट खरीदने वाले निवासियों ने भी अपनी पीड़ा जाहिर की। उनका कहना है कि अब तक उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पाई हैं। नेटवर्क की भारी समस्या के चलते कई बार कॉल और संदेश समय पर नहीं पहुंच पाते। बताया गया कि युवक के पिता ने देर रात सोसाइटी ग्रुप में मदद का संदेश भेजा था, लेकिन नेटवर्क न होने के कारण यह संदेश घंटों बाद मिला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सेक्टर में खुले नाले, खराब सड़कें, स्ट्रीट लाइट का अभाव, स्पीड ब्रेकर न होना और रात में पुलिस पेट्रोलिंग की कमी लगातार हादसों को न्योता दे रही है। छह महीने पहले एक बच्ची के खुले नाले में गिरने की घटना का भी जिक्र किया गया, लेकिन उसके बाद भी हालात नहीं सुधरे।

शुक्रवार देर रात ग्रैंडियोस के पास टी-प्वाइंट पर एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में जा गिरी थी। पुलिस, दमकल विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने कई घंटे चले अभियान के बाद युवक को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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