अजय मिश्रा टेनी को राहत नहीं, प्रभात हत्याकांड में लखनऊ बेंच में होगी अंतिम सुनवाई

Rohit Kumar
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प्रभात गुप्ता हत्याकांड मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा झटका दिया. सुप्रीम कोर्ट ने अजय टेनी की केस ट्रांसफर की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. इस मामले में अंतिम सुनवाई अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ही होगी. मालूम हो कि प्रभात हत्याकांड के सभी चार आरोपी जमानत पर हैं. 2004 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इन्हें जमानत दे दी थी.

22 साल पहले तिकुनिया में हुआ था यह हत्याकांड

जानकारी के मुताबिक जुलाई 2000 को लखीमपुर के तिकुनिया में प्रभात गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में प्रभात के परिवार ने अजय मिश्रा टेनी, शशि भूषण, राकेश डालू और सुभाष मामा के खिलाफ केस दर्ज कराया था. 2004 में लखीमपुर की कोर्ट ने अजय मिश्रा को दोषमुक्त कर दिया था. इस आदेश के खिलाफ प्रभात के परिवार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील की थी.

इस मामले में हाई कोर्ट ने 10 नवंबर को सुनवाई होनी थी लेकिन टेनी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की प्रधान पीठ को केस ट्रांसफर करने की अपील कर दी, लेकिन चीफ जस्टिस ने अगस्त 2022 में इस मांग को खारिज कर दिया था. इसके बाद टेनी ने केस ट्रांसफर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर दी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने आज खारिज कर दिया.

मीडिया कवरेज पर रोक से कर दिया था इनकार

26 सितंबर को अयज मिश्रा टेनी के वकील ने हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच से अपील की थी कि उनके इस केस के मीडिया ट्रायल पर रोक लगा दी जाए. उनका कहना था कि मीडिया में हो रही कवरेज से अजय मिश्रा की छवि खराब हो रही है क्योंकि अभी वह मंत्री है. हालांकि कोर्ट ने उनकी इस अपील को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि अजय मिश्र आरोपी हैं, उनका समाज में एक स्टेटस है, इसलिए उनकी खबरें छपती हैं. हम मीडिया कवरेज पर रोक नहीं लगा सकते हैं.

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