ग्रेटर नोएडा। बीटा-दो कोतवाली पुलिस ने अंतरराज्यीय सिंथेटिक ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 143 ग्राम नशीले एमडीएमए (पदार्थ क्रिस्टल) के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों में नाइजीरिया का नागरिक चिडुबेम स्टेनली भी शामिल है, जो बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहा था। पुलिस ने आरोपितों से तराजू, तस्करी में इस्तेमाल स्कूटी और 17,500 रुपये बरामद किए हैं। बरामद एमडीएमए की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा रवि शंकर निम ने बताया कि शुक्रवार रात पुलिस को सूचना मिली जनता फ्लैट सोसायटी सेक्टर चाई-4 के पीछे सर्विस रोड पर तीन व्यक्ति बड़ी मात्रा में एमडीएमए बेचने आए हैं। टीम ने स्कूटी सवार तीनों को धरा। पूछताछ में आरोपितों ने ड्रग्स बेचने की बात कुबूल की।
आरोपितों की पहचान गाजियाबाद के विजयनगर निवासी आरोपित अरुण कसाना, अतुल सिंह निवासी संपूर्णम सोसायटी बिसरख और नाइजीरियन चिडुबेम स्टेनली के रूप में हुई।
पासपोर्ट और वीजा नहीं दिखा सका
चिडुबेम दिल्ली के उत्तम नगर में रह रहा था और पासपोर्ट या वीजा नहीं दिखा सका। उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत भी कार्रवाई की गई है। नाइजीरियन आरोपित 2025 में दिल्ली से जेल जा चुका है। वह दिल्ली से गिरोह के जरिए ड्रग्स लाता था और आनलाइन तरीके से तस्करी करता था।
सप्लाई से पहले वीडियो काल कर खरीदार से आसपास की जगह दिखवाता था। तसल्ली होने पर अपने आदमी से ड्रग्स भिजवाता था। आरोपित के वीजा की जांच की जा रही है। एलआइयू समेत अन्य एजेंसियों को भी सूचित किया गया है।
आरोपितों के कब्जे से 143 ग्राम एमडीएमए मिली। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ड्रग्स की खेप कहां से लाई गई और इसे ग्रेटर नोएडा, नोएडा या दिल्ली-एनसीआर में कहां सप्लाई किया जाना था।
आरोपितों के मोबाइल, संपर्क और लेन-देन की जांच हो रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। पुलिस को आशंका है कि तार किसी बड़े ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े हैं। विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी की सूचना दूतावास और केंद्रीय एजेंसियों को भेजी जा रही है।

