
ग्रेटर नोएडा: गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर सिटी मॉल में स्थित KFC आउटलेट से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ग्राहक को फ्राइड चिकन के अंदर कीड़ा मिला। इस घटना के बाद ब्रांड की खाद्य गुणवत्ता और हाइजीन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस मामले में KFC इंडिया ने मामले पर खेद जताया और ग्राहक से ऑर्डर विवरण मांगा, ताकि जांच की जा सके, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि बड़े ब्रांड और ऊंचे दामों के बावजूद खाने की सुरक्षा और साफ-सफाई के दावे कमजोर पड़ते दिख रहे हैं।
तस्वीर और वीडियो वायरल
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रतिष्ठित गौर सिटी मॉल में स्थित KFC आउटलेट से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ग्राहक को उसके क्रिस्पी डीप-फ्राइड चिकन के टुकड़े के भीतर रेंगता हुआ कीड़ा मिला। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मॉल परिसर और सोशल मीडिया दोनों जगह तेजी से चर्चा और असंतोष फैल गया है।
ग्राहक ने नाराजगी जताई
जानकारी के अनुसार, यह घटना 5 सितंबर 2026 की दोपहर लगभग 2:30 बजे की है, जब एक ग्राहक वीकेंड बिताने के उद्देश्य से गौर सिटी मॉल स्थित KFC आउटलेट गया और वहां से ‘फ्राइड और क्रिस्पी चिकन’ मंगवाया। जैसे ही उसने खाना शुरू किया, चिकन के टुकड़े के अंदर एक कीड़ा दिखाई दिया, जिससे वह स्तब्ध रह गया और तत्काल अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की।
शुरू हुई ट्रोलिंग
लापरवाही की इस हद से आक्रोशित ग्राहक ने तुरंत घटना का वीडियो अपने फोन में रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर साझा करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग व @KFC_India को सीधे टैग किया। उसने कड़े शब्दों में पूछा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय फूड चेन में हाइजीन और क्वालिटी चेकिंग को लेकर इतनी गंभीर और खतरनाक चूक कैसे संभव है। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और नेटिजन्स ने KFC पर जमकर आलोचना और जमकर ट्रोलिंग शुरू कर दी।
केएफसी ने जारी किया बयान
मामले की गंभीरता बढ़ते ही खाद्य विभाग की टीम भी हरकत में आई है और सोशल मीडिया पर मिली शिकायत के आधार पर उक्त आउटलेट की जांच करने की बात कही जा रही है। इसी बीच, चारों ओर से दबाव बढ़ने पर KFC इंडिया ने तत्काल माफी मांगी है। कंपनी ने सोशल मीडिया पर ग्राहक की पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि वह भोजन की गुणवत्ता के मामले में कोई समझौता नहीं करती।ग्राहक से मांगी जानकारी
कंपनी ने ग्राहक से उनके ऑर्डर की पूरी जानकारी मांगी है, ताकि इस मामले की बारीकी से जांच की जा सके कि आखिर डीप-फ्राइड होने के बावजूद चिकन के अंदर कीड़ा कैसे पहुंचा। यह घटना उन लाखों फूड लवर्स के लिए एक आंखें खोलने वाली चेतावनी है, जो ब्रांड के नाम पर बिना सवाल किए भरोसा कर लेते हैं।
