नोएडा: नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में शनिवार को फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री को सहज बनाने के लिए नई पॉलिसी को मंजूरी मिल गई। अब नई पॉलिसी के तहत तैयार फ्लैटों की संख्या के अनुसार भी पेमेंट बिल्डर की ओर से हो सकेगी। जिससे रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो जाएगा। अभी बकाया जमा न होने की वजह से अथॉरिटी फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए एनओसी नहीं देती थी। इसके साथ ही नोएडा स्थित कॉपरेटिव हाउसिंग सोसायटीज में 1996 से लंबित रजिस्ट्री के मसले सुलझाने के लिए भी प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
इन सोसायटियों में जीपीए के आधार पर जो फ्लैटों की बिक्री हुई है अब मौजूदा ऑनर के नाम रजिस्ट्री हो सकेगी। इसमें 2.5 से 15 प्रतिशत तक का चार्ज रखा गया है। इसके लिए समिति की एनओसी, ट्रांसफर शुल्क और निर्धारित प्रमाण-पत्रों के आधार पर यह प्रक्रिया होगी। इससे वैध कब्जेदारों को संपत्ति के दस्तावेज मिल सकेंगे। स्टांप ड्यूटी भी सरकारी विभाग को मिलेगी। वहीं जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा दर भी बढ़ाने का ऐलान किया गया।
बिल्डरों पर शिकंजा
अमिताभ कांत पॉलिसी में एग्रीमेंट करके जीरो पीरियड का लाभ लेने वाले जो बिल्डर आगे का बकाया जमा नहीं कर रहे हैं, अथॉरिटी उनका एग्रीमेंट कैंसल करेगी। ओटीएस के इंतजार में और समय बिल्डरों को नहीं दिया जाएगा। अभी तक बकाया जमा न होने की वजह से अथॉरिटी एनओसी नहीं देती थी।
5 प्रतिशत आबादी भूखंड अब नई दरों पर मिलेगा
सेक्टर-96 स्थित कार्यालय में अथॉरिटी के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। नोएडा के सीईओ कृष्ण करुणेश समेत ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में नोएडा में किसानों को 6459 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा और 5 प्रतिशत आबादी भूखंड अब नई दरों के अनुसार मिलेगा। इससे पहले 5324 रुपये प्रति वर्गमीटर, बिना 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के, व 4224 रुपये प्रति वर्गमीटर, 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ लाभ दिया जाता था।
जानिए भूमि खरीद को लेकर क्या निर्णय हुआ
इसी तरह न्यू नोएडा के फेज-1 और फेज-2 में किसानों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि खरीद के लिए मुआवजा दर और 6 प्रतिशत आबादी भूखंड ग्रेटर नोएडा की व्यवस्था के अनुरूप रखने का निर्णय हुआ है। फेज-3 और फेज-4 में मुआवजा दर और 7 प्रतिशत आबादी भूखंड यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की व्यवस्था के अनुसार दिया जाएगा।
ये भी हैं महत्वपूर्ण फैसले
- अथॉरिटी में आने वाले वन टाइम लीज रेंट के लिए कॉर्पस फंड की एसओपी को मंजूरी दी गई। इस फंड को सेविंग फंड के लिए रिजर्व कर दिया गया है। इससे मिलने वाले ब्याज के पैसे से भविष्य में शहर की मेटिनेस का खर्च निकाला जाएगा।
- नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी की एक समान औद्योगिक नीति बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए प्राधिकरणों के अधिकारियों की समिति गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
- सेक्टर-145 में 100 का कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाने को मंजूरी मिली है। सूखे और आरडीएफ कचरे के निस्तारण के लिए थर्मोलिसिस आधारित इंटीग्रेटेड वेस्ट टू एनर्जी एंड रिसोर्स रिकवरी फैसिलिटी प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
- सेक्टर-94 में बनाए गए औषधि पार्क की मेंटिनेंस को सस्टेनेबल बनाने के लिए कंपनी को देने की मंजूरी दी गई है।
- नोएडा अथॉरिटी को शेष बिल्डिंग का काम पूरा करने के लिए 315 करोड़ के बजट को मंजूरी मिली। 12 मंजिल बिल्डिंग तैयार की जाएगी। जिसके बाद बाकी विभाग भी सेक्टर-96 में ही बैठ सकेंगे।
- टाटा एलईडी लाइट के प्रॉजेक्ट को 30 महीने के एक्सटेंशन की मंजूरी दे दी गई है। सस्टेनेबल मॉडल पर आधारित शहर की प्रकाश व्यवस्थ के लिए कंपनी 2019 से काम कर रही है।
- सेक्टर-153 में पुलिस आयुक्त कार्यालय बनेगा। इसके लिए जमीन की मंजूरी मिल गई है। 13,347.18 वर्गमीटर भूमि आवंटित करने का निर्णय हुआ।
